'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उस स्वाभाविक क्षमता पर कभी भारी नहीं पड़ सकता, जो प्रकृति ने हमें दी है'
विंडसर में इंडिया ग्लोबल फोरम के यूके-इंडिया वीक 2023 का 30 जून को फाउंडर्स एंड फंडर्स रिट्रीट के साथ समापन हो गया। यहां यूके और भारत के फाउंडर्स एंड फंडर्स ने उभरती हुई टेक्नोलॉजी, भविष्य की टेक्नोलॉजी में निवेश और इससे जुड़े प्रेरक विषयों पर चर्चा की।
इन चर्चाओं के केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस था। इस दौरान प्रतिभागियों ने एआई की संभावित क्षमता, विभन्न क्षेत्रों में इसके प्रभाव के साथ-साथ तकनीक के इस योग में खेल, मीडिया और सोशल नेटवर्क की ओर इसके झुकाव को लेकर बातचीत की।

एब्सोल्यूट के फाउंडर अगम खरे ने चर्चा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्राकृतिक इंटेलिजेंस के बीच फर्क पर फोकस किया। उन्होंने कहा, 'एआई या कंप्यूटिंग पावर के बारे में हम जो भी बात करते हैं, वह उस स्वाभाविक क्षमता को कभी नहीं हरा सकेगा जो प्रकृति ने हमें दी है। उदाहरण के लिए डीएनए का विस्तार करके आप चांद पर जा सकते हैं और 15 बार वापस आ सकते हैं.....असल इंटेलिजेंस प्राकृतिक इंटेलिजेंस है, जो पकृति ने दी है। एआई अच्छा है, लेकिन यह सिर्फ प्राकृतिक इंटेलिजेंस का एक टूल भर है। प्राकृतिक इंटेलिजेंस साढ़े चार अरब साल पुराना है। एआई सौ साल से भी कम पुराना है।' उनके मुताबिक यह सोच लेना कि 100 साल से भी कम पुरानी चीज, साढ़े चार अरब साल पुराने को भी मात दे सकती है, कुछ ज्यादा है। प्राकृतिक इंटेलिजेंस ही भविष्य है।'
Builder.ai के को-फाउंडर सचिन दुग्गल ने कहा, 'एआई को लेकर बहुत ज्यादा विरोधाभासी सूचनाएं हैं। एआई के करीब 500 एक्सपर्ट हैं, फिर भी लाखों लोग एक्सपर्ट होने का दावा करते हैं और नीति निर्धारित करने की कोशिश कर रहे हैं। आपके पास बहुत ज्यादा विरोधाभासी सूचनाएं हैं, जिसमें एक शून्य में से आप फैसले कर रहे हैं, बिना यह समझे कि इसकी सुरक्षा पहलू क्या हैं। '
यूके में नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर में क्रिटिकल नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर की डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर मार्शा क्वालो-राइट ने इससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के बारे में कहा, 'टेक्नोलॉजी को सुरक्षा दृष्टिकोण से समझना महत्वपूर्ण है; रिजिल्यंस में सुरक्षा शामिल है, लेकिन जब एआई की बात आती है तो यह इससे भी ज्यादा हो जाता है।'
कोबरा बियर के फाउंडर और चेरमैन लॉर्ड करण बिलिमोरिया ने कहा, 'मेरी पसंदीदा कहावतों में से एक ये है कि अच्छा निर्णय अनुभव से होता है, और अनुभव, बुरे फैसले से होता है....'
अंतिम कार्यक्रम भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के दूरदराज के गांवों की चार महिला उद्यमियों और मुक्केबाजी में ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम की अविश्वसनीय और प्रेरिक कहानियां को समर्पित रहे।
Nima Goos Goos की को-फाउंडर पद्मा एंग्मो और रिग्जिन एंग्मो और लद्दाख ब्रू की को-फाउंडर डीचेन चुस्केट और जिग्मेट एंग्मो ने अपनी अद्यमिता के बारे में बात की और बताया कि वो लद्दाखी परंपराओं को वैश्विक मानचित्र पर ले जाना चाहती हैं। रिग्जिन एंग्मो ने कहा, 'लद्दाख में उच्च पोषक तत्वों वाली फसलों और जड़ी-बूटियों की भरमार हैं, लेकिन दुख की बात है कि यह बाजार में नहीं हैं। हमने लद्दाख के गुणों को साझा करने के लिए बिजनेस शुरू किया है। '
बॉक्सिंग लीजेंड मैरी कॉम ने बताया कि उन्हें खेल में जो सफलता मिली है, उसके पीछे के 20 वर्ष का संघर्ष कैसा है। चार बच्चों की मां का चैंपियन बनना कितना मुश्किल था। वंचित बच्चों को मुक्केबाजी की ट्रेनिंग देने वाले अपने फाउंडेशन के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया, 'मैंने सोचा कि रिटायरमेंट के बाद क्या करूंगी। मैं घर में नहीं बैठूंगी। मैंने सोचा कि अपने देश के लिए कुछ करूंगी। मैं अपने देश को कुछ लौटाना चाहती हूं। शुरू में मेरे पास स्पॉन्सर्स, कॉर्पोरेट्स के पैसे नहीं थे, सरकारी पुरस्कार के पैसे बहुत कम थे। लेकिन, मुझे लगा कि यही सही समय है, फाउंडेशन शुरू करने का, चाहे हमारे पास सही इंफ्रास्ट्रक्चर भी नहीं था। हमने मैदान से शुरू किया....अब हमारे पास मुकम्मल बॉक्सिंग रिंग, होस्टल, जिम और और मेरी अकैडमी से वर्ल्ड चैंपियन हैं।'
यूके-इंडिया वीक 2023 और इंडिया ग्लोबल फोरम की यात्रा के बारे में इसके फाउंडर और चेयरमैन मनोज लाडवा ने कहा, 'दो चीजें सबसे बड़ी सबक हैं - एक अपने जुनून और दूसरे धैर्य का पालन करें। यदि आप जुनूनीं हैं तो इसे बनाए रखना होगा।' उन्होंने अपने संघर्ष के बारे में बताया कि कैसे पहले वह भारत के अधूरा पेश किए जाने को देखकर परेशान होते थे। फिर उन्होंने संघर्ष शुरू किया और आज उनकी यह यात्रा यहां तक पहुंची है।
'यूके-इंडिया वीक 2023' के माध्यम से व्यापारिक जगत के लीडर, नीति निर्माता और विचारक विभिन्न मसलों पर चर्चा और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक मंच पर आते हैं। यूके के पीएम ऋषि सुनक ने 'यूके-इंडिया वीक 2023' को द्विपक्षीय संबंधों के लिए बहुत ही अपेक्षित जोड़ के रूप में वर्णित किया था।
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