Artemis II Mission: 'छू लिया चांद', आर्टेमिस-2 मिशन सफल, कौन हैं वो 4 यात्री जिन्होंने रचा इतिहास?

Artemis II Mission: 'चांद छू लिया'. नासा का आर्टेमिस II मिशन पूरा हो चुका है, 11 अप्रैल 2026 को सुबह 5.37 बजे प्रशांत महासागर में सैन डिएगो तट के पास अंतरिक्ष यान का स्प्लैशडाउन हुआ है, चारों अंतरिक्षयात्री चंद्रमा घूमकर सुरक्षित घर लौट आए है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरिक्षयात्रियों को बधाई दी है।

आपको बता दें कि नासा ने 2 अप्रैल 2026 को आर्टेमिस 2 मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, . SLS रॉकेट ने फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी थी, मालूम हो कि Artemis II नासा का एक महत्वपूर्ण मानव अंतरिक्ष मिशन था, जिसका उद्देश्य इंसानों को फिर से चंद्रमा के पास ले जाना है।

यह NASA के Artemis Program का दूसरा चरण था। ये एक फ़्लाइट टेस्ट है जिसे शुरू में 'एक्सप्लोरेशन मिशन-2' (EM-2) नाम दिया गया था और इसका शुरुआती मकसद 2013 में प्रस्तावित 'एस्टेरॉयड रीडायरेक्ट मिशन' को सपोर्ट करना था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था।

Artemis II mission

इस मिशन पर चार यात्री निकले थे जिनके नाम हैं रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कॉश और जेरेमी हैनसेन। जिसमें क्रिस्टीना कॉश पहली महिला अंतरिक्ष यात्री हैं। यह सभी अंतरिक्ष यात्री दो दिन पहले ह्यूस्टन से T-38 जेट विमान से कैनेडी स्पेस सेंटर पहुंचे थे।

क्या है आर्टेमिस-2 मिशन?

आर्टेमिस-2 नासा का मानव मिशन है जो कि 10 दिन का मिशन था जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की कक्षा (orbit) तक गए, लेकिन चंद्रमा पर उतरे नहीं। यह 1972 के Apollo Program के बाद पहला ऐसा मिशन था जिसमें इंसान चंद्रमा के इतने करीब गया, मिशन में Orion spacecraft और Space Launch System का उपयोग किया गया, इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य के चंद्रमा लैंडिंग मिशन की तैयारी करना था, इससे पहले आर्टेमिस 1 एक मानवरहित मिशन था।

आर्टेमिस-2 मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्री कौन हैं?

इस मिशन में तीन अंतरिक्ष यात्री तो नासा के थे लेकिन एक एस्ट्रोनॉट कनाडाई स्पेस एजेंसी (सीएसए) का है, जिसके बारे में ऐलान नासा ने साल 2023 में ही किया था। आइए जानते हैं कि ये चारों अंतरिक्ष यात्री कौन हैं?

  • रीड वाइसमैन- ये मिशन के कमांडर थे और पहले भी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर जा चुके हैं।
  • पायलट विक्टर ग्लोवर-ये मिशन के पायलट थे और स्पेसएक्स के क्रू-1 मिशन का हिस्सा रहे हैं और ये चांद का चक्कर लगाने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति हैं।
  • क्रिस्टीना कोच-चंद्रमा के पास जाने वाली पहली महिला अंतरिक्ष यात्री थीं जिन्हें मिशन स्पेशलिस्ट के नाम से जाना जाता है।
  • जेरेमी हैनसेन -चंद्रमा मिशन में जाने वाले पहले कनाडाई अंतरिक्ष यात्री थे। ये कनाडाई वायुसेना के फाइटर पायलट हैं।

क्यों अलग था आर्टेमिस-2 मिशन?

आर्टेमिस-2 मिशन में पहली बार एक महिला और एक अश्वेत अंतरिक्ष यात्री हिस्सा ले रहे थे। इसका उद्देश्य भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति बनाना और आगे Mars तक मिशन भेजने की तैयारी करना है। इस मिशन से मानव अंतरिक्ष उड़ान के कई रिकॉर्ड बने हैं। चंद्रमा से लगभग 4,700 मील (7,600 km) की दूरी पर और लगभग 25,000 मील प्रति घंटा (40,000 km/h) की वायुमंडलीय रीएंट्री गति के साथ, यह मिशन पिछली मानव-युक्त उड़ानों की अपेक्षा काफी स्पेशल था, जो कि सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+