चुड़ैलों की सेना ने अर्जेंटीना को जिताया, जादूगरनियों के दम पर मेसी ने फाइनल कैसे जीता? जानिए
जादूगरनियों ने अपनी टीम का नाम 'चुड़ैलों की सेना' रखा था, जिसका दावा है, कि सऊदी अरब के खिलाफ मैच में मेसी पर जादू किया गया था और इसीलिए टीम हार गई थी। लेकिन, उसके बाद उन्होंने ऐसा नहीं होने दिया।

FIFA World Cup 2022: फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल फाइनल मैच में अर्जेटीना और फ्रांस के बीच सांसें रोक देने वाला फाइनल मैच रविवार रात खेला गया और आखिरी वक्त तक कौन जीतेगा, इसका पता किसी को नहीं था। दोनों टीमों ने जीत हासिल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था, लेकिन अंतिम जीत अर्जेंटीना को हुई और इसके साथ ही कप्तान मेसी का वर्ल्डकप जीतने का सपना भी पूरा हो गया। लेकिन, कतर में खेले गये इस वर्ल्डकप फुटबॉल के अलग अभी एक अलग खेल चल रहा था और वो खेल था, जादू-टोने का खेल। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि दर्जनों जादुगरनियां अर्जेंटीना को जीत दिलाने के लिए जादू-टोना कर रही थीं।

फुटबॉल विश्वकप में जादू-टोने का खेल
न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के मुताबिक, जादूगरनी मैगली मार्टिनेज को पता था, कि कुछ गड़बड़ है। उसे लग रहा था, कि अजेय स्टार लियोनेल मेसी फुटबॉल पिच पर खुद से ही हाथापाई कर रहे थे। उन्हें ऐसा लग रहा था, कि मेसी किसी अभिशाप से पीड़ित थे और वो बुरी नजरों के साये में थे। मैगली मार्टिनेज के मुताबिक, मेसी पर जादू किया गया था और चुड़ैलों ने उन्हें अपनी साया में जकड़ लिया था। जिसके बाद मैगली मार्टिनेज ने असलियत जानने और मेसी के सिर से चुड़ैल का साया हटाने के लिए जादू-टोना करना शुरू कर दिया और उसने पानी के एक कटोरे में थोड़ा सा तेल डाला। तेल अगर पानी में बिखर जाता, तो इसका मतलब होता, कि मेसी पर कोई जादू नहीं किया गया है, लेकिन अगर तेल बीच में जमा हो जाता, तो फिर मेसी पर जादू किया गया होता। मैगली मार्टिनेज ने कहा कि, जैसे ही उसने पानी में तेल को डाला, वो दंग रह गई। क्योंकि, तेल पानी में एक जगह जमा हो गया, जैसे चुंबक के आसपास लोहे की कीलें चिपक जाती हैं।

जादू उतारने के लिए मांगी मदद
जादूगरनी मैगली मार्टिनेज ने कहा कि, उसे पता चल गया, कि मेसी के ऊपर काफी शक्तिशाली जादू किया गया है और फिर उसने ट्विटर पर मेसी के सिर से चुड़ैल का साया उतारने के लिए और जादुगरनियों से मदद मांगी। उसने ट्विटर पर लिखा, "बुरी नजर ठीक करने वाली बहनों, मेसी पर गहरा असर है, मुझे आपकी मदद की जरूरत है।" जिसके बाद अर्जेंटीना की जादुगरनियां एक साथ आने लगीं और उन्होंने अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप जिताने के लिए एक साथ चुड़ैल का साया हटाने के लिए काम करने का फैसला लिया। जिसके बाद अर्जेंटीना इस वर्ल्डकप में नहीं हारा। जादुगरनियों का दावा है, कि उन्होंने अर्जेंटीना के कप्तान मेसी को जिताने के लिए अपना पूरा दांव लगा दिया था और यही वजह रही, कि फुटबॉल वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना की टीम काफी ताकतवर बनती चली गई। उन्होंने कहा कि, फाइनल मैच को लेकर भले ही 22 खिलाड़ियों पर पूरी दुनिया का फोकस था, लेकिन अर्जेंटीना की 'चुड़ैलों की सेना' पर किसी ने गौर नहीं किया।
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जादुगरनियों ने बनाई अपनी सेना
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के हफ्तों में अर्जेंटीना की सैकड़ों जादूगरनी महिलाओं ने अपना गैंग बना लिया था। ये जादूगरनी महिलाएं अपने आप को 'चुड़ैलों की सेना या ब्रूजा' कहती हैं। उनका दावा है, कि उन्होंने अर्जेंटीना को जिताने के लिए अपने 'हथियार' उठा लिए थे और उन्होंने काफी शक्तिशाली जादू-टोना करना शुरू कर दिया था। वो लगातार तंत्र साधना कर रहीं थीं, वो घंटों तक तंत्र साधना वाली वेदियों पर बैठी रहती थीं, उनके आगे मोमबत्तियां जलती रहती थीं और उनके हाथों में तंत्र साधना करने वाली ताबीज होती थी। उनका मकसद बस एक था, अपने देश को फुटबॉल वर्ल्डकप में जीत दिलाना, जो पिछले 36 सालों से कप नहीं जाता था। मेस्सी के गृहनगर रोसारियो में एक 'जादूगरनी' और हाई स्कूल शिक्षक 27 साल की रोसीओ कैब्राल मेन्ना ने कहा कि, "हम खुद को एजेंट के रूप में सोचते हैं, जो प्यार कर सकती हैं, देखभाल कर सकती हैं, रक्षा कर सकती हैं और खुशी बो सकती हैं।" रोसीओ कैब्राल मेन्ना ने कहा कि, अर्जेंटीना के हर मैच से पहले वो जादू-टोना करती थीं। उन्होंने कहा कि, खिलाड़ी मैदान पर प्रतिस्पर्धा कर रहे थे, और अर्जेंटीना में 'चुड़ैलों की सेना' उन्हें ताकत प्रदान कर रही थी।

सऊदी अरब से हार गई थी मेसी की टीम
वर्ल्डकप फुटबॉल शुरू होने के बाद सबसे बड़ा उलटफेर उस वक्त हुआ था, जब मेसी की अर्जेंटीना टीम अपने से काफी कमजोर सऊदी अरब की टीम से हार गई थी। अर्जेंटीना की हार ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था, जिसे अर्जेंटीना की जादूगरनियों ने विरोधी चुड़ैलों का साया बताया। और फिर 'चुड़ैलों की सेना' का निर्माण किया गया। सऊदी अरब से मैच हारने के बाद अर्जेंटीना की जादूगरनियों ने एक वाट्सएप ग्रुप बनाया और उन्होंने इसका नाम 'अर्जेंटीना एसोसिएशन ऑफ विच' नाम दिया। वाट्सएप ग्रुप बनाने वाली 23 साल की एंटोनेला स्पाडाफोरा ने कहा कि, "मैंने सोचा था कि ज्यादा से ज्यादा 10 लोग इस ग्रुप में होंगे, लेकिन कुछ दिनों के भीतर इस ग्रुप में 300 से ज्यादा लोग शामिल हो गए। पिछले हफ्ते इतनी डिमांड बढ़ गई, कि उन्होंने ट्विटर अकाउंट शुरू कर दिया। सात दिनों में इसके 25,000 फॉलोअर्स हो गए"।

'जादू का काम करना आसान नहीं'
ब्यूनस आयर्स की एक जादूगरनी 28 साल की एंड्रिया मैकियल ने कहा, "हम कोठरी चुड़ैल होने से थक गए हैं।" चुड़ैलों ने कहा कि, उनका मुख्य ध्यान अर्जेंटीना के खिलाड़ियों से नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित करने और इसे अच्छी ऊर्जा के साथ आदान-प्रदान करने के लिए अनुष्ठानों का उपयोग करना था, लेकिन ये काम काफी मुश्किल भरा था और वो ऐसा करने में काफी थक जाती थीं। उन्होंने कहा कि, उन्हें "सिरदर्द होता था, चक्कर आते थे, उल्टियां होती थीं, शरीर में भारी दर्द होता था, लेकिन वो अपनी टीम को जिताने के लिए लगातार कमरे में अनुष्ठान करती रहती थीं।" उन्होंने कहा कि, "एक जादूगरनी के लिए ये काम काफी मुश्किल था, इसीलिए सैकड़ों जादूगरनियां इसमें शामिल हुईं।" जादूगरनियों ने कहा कि, "इस ग्रुप की लीडर हर मैच से पहले चुड़ैलों को समूहों में विभाजित करती थी और चुड़ैलों का ग्रुप हर मैच से पहले अर्जेंटीना के हर एक खिलाड़ी की अलग अलग सुरक्षा करता था।"

'मेसी की सुरक्षा पर स्पेशल ध्यान'
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, जादूगरनियों की कप्तान ने कहा कि, कप्तान मेसी की सुरक्षा पर काफी ज्यादा ध्यान दिया जाता था और उनकी सुरक्षा के लिए कई जादूगरनियां लगातार अनुष्ठान में लगी रहती थीं। वहीं, जादूगरनियों का एक ग्रुप विरोधी टीम के खिलाड़ियों की शक्ति को कमजोर करने का काम करती थीं, जिनमें सबसे ज्यादा गोलकीपर को फोकस में रखा जाता था। इस अनुष्ठान में एक खिलाड़ी के नाम के साथ कागज की एक पर्ची को रखा जाता था और फिर उसपर जादू किया जाता था। उस खिलाड़ी को शापित किया जाता था और फिर मैच से ठीक पहले जादू किए हुए उस कागज को जला दिया जाता था।
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