सैन फ्रांसिस्को, वाशिंगटन के बाद अब न्यूयॉर्क में खालिस्तानियों का उत्पात, टाइम्स स्क्वायर में निकली रैली
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान से बौखलाए समर्थकों ने अमेरिका के टाइम्स स्काव्यर में कार रैली निकालकर प्रदर्शन किया। रैली में अमृतपाल की फोटो लगे हुए ट्रक भी थे।

Image: Oneindia
भारत में अलगाववादी अमृतपाल सिंह अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसके समर्थन में कई देशों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच रविवार को अमृतपाल सिंह के समर्थन में अमेरिका में न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर बड़ी संख्या में खालिस्तान समर्थकों ने प्रदर्शन किया और भारत विरोधी नारे लगाए। इस दौरान उन्होंने एक रैली भी निकाली जो रिचमंड हिल इलाके में स्थित बाबा मखान शाह लुबना सिख सेंटर से होकर मैनहट्टन शहर के प्रसिद्ध टाइम्स स्क्वायर पर खत्म हुई। इस दौरान खालिस्तानी समर्थकों की कारों पर खालिस्तानी झंडे लगे थे और तेज संगीत और हार्न बजाया जा रहा था।
रैली के दौरान 'एलईडी मोबाइल बिलबोर्ड' ट्रकों पर सिंह की तस्वीरें प्रदर्शित की जा रही थी। इस दौरान पुरुष, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में न्यूयॉर्क के लोकप्रिय गंतव्य पर जमा हुए। उनके हाथों में खालिस्तान के झंडे थे और वे नारे लगा रहे थे। पोस्टरों पर लिखा था, 'फ्री अमृतपाल सिंह'। साथ में वे सिंह की तस्वीरें भी थामे हुए थे। इस दौरान इस इलाके में न्यूयॉर्क शहर पुलिस विभाग (एनवाईपीडी) के कई वैन और कारों के साथ क्षेत्र में भारी पुलिस मौजूदगी थी।
वाशिंगटन में निकाली रैली
इससे एक दिन पहले शनिवार को खालिस्तान समर्थक वाशिंगटन में भारतीय दूतावास के बाहर जमा हो गए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एकत्र होकर न केवल हिंसा भड़काने की कोशिश की बल्कि उन्होंने देश के राजदूत तक को धमकी दी। लेकिन स्थानीय पुलिस के समय पर हस्तक्षेप करने से लंदन और सैन फ्रांसिस्को के मिशन पर हुई घटनाओं को फिर होने से रोक दिया गया।
भारतीय पत्रकार को पीटा
इस दौरान वाशिंगटन स्थित भारतीय पत्रकार ललित के झा पर अमृतपाल सिंह के समर्थन में रैली निकालने वाले लोगों द्वारा गालियां दी गईं और उन्हें पीटा भी गया। वह शनिवार दोपहर भारतीय दूतावास के बाहर खालिस्तान समर्थकों के विरोध-प्रदर्शन को कवर कर रहे थे। पत्रकार पर हुए इस मामले की भारतीय दूतावास ने निंदा की थी। दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि हम वरिष्ठ पत्रकार पर गंभीर हमले की निंदा करते हैं। इससे पहले रविवार (19 मार्च) को कई खालिस्तान समर्थकों ने अमेरिका में ही सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला कर दिया था।
भारत सरकार ने जताई नाराजगी
बता दें कि पंजाब में अलगाववादियों पर जारी पुलिस के क्रैकडाउन से विदेश में रहने वाले खालिस्तान समर्थक बुरी तरह से बौखलाए हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में भारतीय उच्चायोग के बाहर चल रहे प्रदर्शन हिंसक होता जा रहा है। इसके बाद भारत सरकार ने नाराजगी जाहिर करते हुए एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि ऐसे लोगों के खिलाफ मेजबान सरकारों से कार्रवाई की उम्मीद की जाती है। इन प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाना चाहिए। सरकार ने अपनी नाराजगी जताने के लिए ब्रिटेन और अमेरिका के राजनयिकों को तलब करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।












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