इकोनॉमी संकट के बीच चीन ने बढ़ाया रक्षा बजट, क्या चीन 'महायुद्ध' की तैयारी कर रहा है?
नई दिल्ली। कोरोनावायरस की चपेट में चीन समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पटरी से नीचे उतर गई है, लेकिन ऐसे में चीन द्वारा अपने रक्षा बजट में 6.6 फीसदी वृद्धि की घोषणा करके सबको चौंका दिया है। चीन ने अपना रक्षा बजट बढ़ाकर 179 अरब डॉलर कर दिया है, जो भारत की रक्षा बजट का लगभग तीन गुना है। पिछले साल चीन का रक्षा बजट 177.6 अरब डॉलर था, जिससे अमेरिका के बाद चीन सैन्य पर सबसे अधिक खर्च करने वाला दुनिया का दूसरा देश है।
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रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने वर् 2020 के लिए रक्षा बजट में 6.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है। कोरोनावायरस महामारी संकट के बाद भी चीन द्वारा करीब 180 अरब डॉलर रक्षा पर खर्च करना बताता है कि चीन अमेरिका समेत उन सभी देशों को एक संकेत दे रहा है कि वह भविष्य में हुई किसी भी लामबंदी का जवाब दे सकता है। माना जाता है कि चीन भारी रक्षा व्यय के चलते भारत समेत अन्य देशों को अपना रक्षा व्यय बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है, ताकि शक्ति संतुलन कायम रखा जा सके।

गौरतलब है चीन के भारी-भरकम रक्षा बजट में एयरक्राफ्ट कैरियर, परमाणु सबमरीन और स्टील्थ फाइटर जेट का निर्माण शामिल है। हालांकि चीन की अर्थव्यवस्था भी कोरोना वायरस की वजह से संकट के दौर से गुजर रही है और यही कारण था कि शुरू संसद संत्र में चीन ने जीडीपी विकास का लक्ष्य तक तय नहीं किया। बावजूद चीन द्वारा रक्षा बजट में बढ़ोत्तरी दर्शाता है कि चीन अमेरिका की ओर से दी जा रही धमकियों के मद्देनजर महायुद्ध की तैयारी कर रहा है।

फिलहाल, चीन को जो रक्षा बजट सामने आया है, उसके बारे में विशेषज्ञों को चिंता है। क्योंकि माना जाता है चीन रक्षा के लिए जितने बजट को खर्च करने की बात करता है, उसका रक्षा बजट उससे कहीं ज्यादा होता है। चीन ने इस बार भी कहा है कि रक्षा बजट में बढ़ोत्तरी का ज्यादातर पैसा सैनिकों की स्थिति सुधारने में खर्च किया जाएगा। यही कारण है कि रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि चीन बहुत कुछ छिपा रहा है।

उल्लेखनीय है चीन का वास्तविक रक्षा बजट उसके द्वारा बताए गए रक्षा बजट से बहुत ज्यादा होता है, क्योंकि चीनी बजट में कई चीजों को शामिल नहीं किया जाता है। चीन ने पिछले साल का रक्षा बजट 178 अरब डॉलर बताया था, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले साल चीन का वास्तविक रक्षा बजट 220 अरब डॉलर था।

विशेषज्ञों का कहना है कि चीन अगर अपने रक्षा बजट को बढ़ा रहा है, तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह दक्षिण चीन सागर में अपनी पकड़ को मजबूत को लेकर देखा जा सकता है। हाल ही में उसने दक्षिण चीन सागर में अवैध रूप से दो द्वीपों में दो जिले को नामकरण कर दिया। चीन का मकसद साफ है, वह पश्चिम प्रशांत महासागर और हिंद महासागर में अपनी पहुंच बढ़ाना चाहता है।












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