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विवादों के बीच भारत के विदेश सचिव का चीन दौरा, पाक की बढ़ी मुश्किल

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नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद के बीच देश के विदेश सचिव ने चीन का दौरा किया था, जिसके बाद यह विवाद खत्म हो गया था। इसके बाद एक बार फिर से शुक्रवार को विदेश सचिव बीजिंग का दौरा किया है। इस दौरान उन्होंने चीन के उप विदेश मंत्री कोंग जूएनयू से मुलाकात की। इस बैठक में चीन के विदेश मंत्री वैंग और स्टेट काउंसलर यैंग जीची भी मौजूद थे। यह मुलाकात इसलिए भी काफी अहम है क्योंकि दोनों देशों के बीच मुलाकात के दौरान पाकिस्तान के मुद्दे पर भी बात हुई और पहली बार चीन पाकिस्तान को काली सूचि में शामिल करने के विरोध में नहीं था।

पीएम जाएंगे चीन

पीएम जाएंगे चीन

इस मुलाकात में अगले एक वर्ष के लिए रोडमैप पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक डोकलाम विवाद को खत्म करने में गोखले ने काफी अहम भूमिका निभाई थी, उन्हें एक बार फिर से यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह भारत-चीन के बीच रिश्तों को बेहतर करने में अपनी अहम भूमिका निभाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष जून में चीन की यात्रा कर सकते हैं, माना जा रहा है कि शांघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन समिट में शिरकत करने के लिए पीएम मोदी चीन जा सकते हैं।

पाक के खिलाफ भारत को बड़ी सफलता

पाक के खिलाफ भारत को बड़ी सफलता

चीन की यात्रा पर गोखले ऐसे समय पर पहुंचे जब चीन ने पाकिस्तान को काली सूचि में डाले जाने पर अपनी आपत्ति वापस ले ली थी। पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने आतंक की फंडिंग की वजह से इस काली सूचि में डाल दिया गया है, इसे भारत की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार एफएटीएफ उस दौरान बैठक में मौजूद था जब भारत के विदेश सचिव की चीन के नेताओं से मुलाकात हो रही थी। इस दौरान मालदीव, मसूद अजहर, एनएसजी ग्रुप के मुद्दे पर बातचीत हुई।

भारत चाहता है बेहतर रिश्ते

भारत चाहता है बेहतर रिश्ते

इस मुलाकात के बाद बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास की ओर से ट्वीट करके गोखले की मीटिंग की जानकारी दी गई। जिसमे कहा गया कि विदेश सचिव विजय गोखले चीन में हैं और वह दोनों देशों के बीच अहम मुद्दों पर बात करेंगे। उन्होंने 23 फरवरी को विदेश मंत्री वैंग यी से मुलाकात की है। सरकार के एक शीर्ष सूत्र ने बताया कि हमे चीन के साथ रिश्ते बेहतर करने की जरूरत है, साथ ही पीएम मोदी के दौरे से पहले इसे और भी बेहतर करने पर ध्यान देना चाहिए ताकि इसके अच्छे परिणाम निकले।

दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने की जरूरत

दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने की जरूरत

शनिवार को विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी करके कहा गया कि दोनों ही देशों ने इस मुलाकात के दौरान द्वीपक्षीय संबंधों पर बात की, इस दौरान दोनों देशों के बीच आने वाले महीनों में किस तरह के काम किए जाएंगे इसपर भी चर्चा हुई। दोनों ही देश इस बात के लिए तैयार हुए हैं कि संवाद को और बढ़ाने की जरूरत हैं। दोनों ही देशों ने इस बात पर सहमति जताई है कि दुनिया में स्थिरता लाने के लिए भारत-चीन के बीच संबंध बेहतर रखने की आवश्यकता है। दोनों ही देश क्षेत्रीय, अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर एक ही विचार रखते हैं।

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English summary
Amidst bitter relation a silent meet of Indian foreign secretary to China trouble for Pakistan.
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