इजराइल-हमास युद्ध में 33 फीसदी दर्शकों को खोने के बाद चैनल ने उठाया बड़ा कदम, 3 मुस्लिम पत्रकारों को हटाया
अमेरिकी समाचार नेटवर्क MSNBC ने चुपचाप अपने तीन मुस्लिम प्रसारकों को कथित रूप से एंकर की कुर्सी से हटा दिया है। 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमास के हमले के बाद अमेरिका में आतंकी पीड़ितों के प्रति उपजी सहानुभूति की लहर के बीच ऐसा किया गया है। ये दावा अमेरिकी वेबसाइट सेमाफोर (semafor)ने किया है।
समाचार वेबसाइट सेमाफोर के अनुसार, MSNBC नेटवर्क ने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पीकॉक पर द मेहदी हसन शो का निर्धारित गुरुवार रात का एपिसोड प्रसारित नहीं किया। MSNBC ने इस सप्ताह मेजबान जॉय रीड के शाम 7 बजे के कार्यक्रम के लिए भी एक अन्य मुस्लिम एंकर अयमान मोहिल्दिन का गुरुवार और शुक्रवार का शो नहीं दिखाया।

इसके अलावा एक तीसरे मुस्लिम पत्रकार एली वेल्शी को भी शो से हटाने की खबर है। वेबसाइट के मुताबिक उनकी जगह कोई दूसरा होस्ट आएगा। एली वेल्शी की जगह एलिसिया मेनेंडेज को उनकी जगह देने की खबर है। एलिसिया ने ही बीते रविवार को फिलिस्तीनी ऑथिरिटी के प्रवक्ता का साक्षात्कार लिया था
मिस्र-अमेरिकी पत्रकार और अनुभवी एनबीसी न्यूज संवाददाता अयमान मोहिल्दिन ने दो साल तक गाजा से संघर्ष को कवर किया है। मोहयेल्डिन ने 2021 में क्षेत्र पर हमलों पर इजरायली नेताओं से आक्रामक तरीके से सवाल उठाया था।
MSNBC के कुछ कर्मचारी इस कदम से चिंतित हैं, उन्हें लगता है कि तीनों मेजबानों को संघर्ष के बारे में कुछ गहरी जानकारी है। हालांकि MSNBC का कहना है कि ये बदलाव संयोगवश हैं, और तीनों रिपोर्ट करने और विश्लेषण प्रदान करने के लिए ऑन एयर आते रहते हैं।
MSNBC के एक अधिकारी ने इस धारणा का जोरदार विरोध किया कि हसन या मोहयेल्डिन को किसी भी तरह से दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई दिनों में, मोहयेल्डिन चैनल पर कई कार्यक्रमों में अतिथि के रूप में दिखाई दिए हैं, जिनमें रीड और क्रिस हेस द्वारा आयोजित शो भी शामिल हैं। हालांकि उन्होंने रीड के शो की मेजबानी नहीं की थी।
ऐसा कहा जा रहा है कि इन एंकरों को हटाने के पीछे असली वजह चैनल की रेटिंग गिरना है। आपको बता दें कि MSNBC को अमेरिका में वोक चैनल का दर्जा हासिल है। डेली मेल की खबर के मुताबिक इज़राइल हमास युद्ध के कवरेज के दौरान इस चैनल ने अपने प्राइमटाइम में 33 फीसदी दर्शक को दिए हैं।
इसकी वजह MSNBC का इजराइल हमले के बाद संयुक्त मौत का आंकड़ा प्रकाशित करने को बताया जा रहा है। ये चैनल इजराइल और हमास के कुल मृतकों की संख्या बताने पर जोर देता है।
इसके साथ ही फॉक्स और सीएनएन को देखने के आंकड़ों में दोहरे अंकों में वृद्धि देखी गई है। तुलनात्मक रूप से चौंकाने वाली घटनाओं के कारण फॉक्स न्यूज के दर्शकों में 42 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, और सीएनएन के कवरेज में दर्शकों की संख्या में 17 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।












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