अमेरिकी हेल्थ एक्सपर्ट फौसी बोले- ओमिक्रॉन से लड़ने में कारगर है बूस्टर डोज, स्पेशल वैक्सीन की जरूरत नहीं
ओमिक्रॉन के खिलाफ बूस्टर डोज पर्याप्त है, तीसरे स्पेशल डोज की कोई जरूरत नहीं: व्हाइट हाउस
नई दिल्ली, 16 दिसंबर। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से बचाव के लिए बूस्टर डोज की आवश्यकता है या नहीं इस पर बहस छिड़ी हुई है। वहीं अब व्हाइट हाउस के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉक्टर एंथोनी फौसी ने बुधवार को कहा कि वर्तमान में उपलब्ध कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज कोविड -19 के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खिलाफ काम करते हैं और ऐसे में तीसरे स्पेशल वैक्सीन की आवश्यकता नहीं है।

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फौसी ने बुधवार को व्हाइट हाउस कोविड अपडेट के दौरान लोगों को बताया हमारा बूस्टर वैक्सीन ओमिक्रॉन के खिलाफ काम करता है। ऐसे में एक प्रकार के विशिष्ट बूस्टर की कोई आवश्यकता नहीं है।
फौसी ने कहा कि फाइजर और बायोएनटेक वैक्सीन की दो डोज ओमिक्रॉन के लिए प्रभावी है। ये फिर भी गंभीर बीमारी के खिलाफ काफी सुरक्षा प्रदान करती है। संक्रमण के खिलाफ दो-खुराक टीके से सुरक्षा ओमिक्रॉन के आने से पहले 80% की तुलना में गिरकर 33% हो गई। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन रोगियों में अस्पताल में भर्ती होने से रोकने के लिए वैक्सीन की दो डोज अभी भी 70% प्रभावी हैं।
यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के आंकड़ों का हवाला देते हुए, फौसी ने कहा, एक बूस्टर खुराक रोगसूचक बीमारी से सुरक्षा को 75% तक बढ़ा देती है। इसलिए ये स्पष्ठ है कि वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है और विशेष रूप से ओमिक्रॉन के लिए यदि आप पूरी तरह से टीका लगवा चुके है तो अपना बूस्टर शॉट ले सकते हैं।












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