2029 में सुपरसोनिक फ्लाइट लॉन्च करेगा अमेरिका, ध्वनि की गति से तेज रफ्तार, कदमों में हो जाएगी दुनिया
अमेरिका के कोलोराडो में स्थिति डेनवर की बुम सुपरसोनिक और अमेरिका की एविएशन कंपनी के बीच 15 सुपरसोनिक विमानों का करार हुआ है और आगे जाकर अमेरिका और कंपनी के बीच 35 और ऐसे फ्लाइट का करार भी हो सकता है।
वॉशिंगटन, जून 05: ध्वनि की गति से तेज रफ्तार...महज कुछ घंटों में दुनिया के एक कोने से दूसरे कोने तक उड़ान... रफ्तार इतनी कि खुली आंख से देखना मुश्किल...जी हां..अमेरिका 2029 में सुपरसोनिक पैसेंजर फ्लाइट लोगों के लिए ला रहा है। इसकी घोषणा अमेरिका की तरफ से कर दी गई है। अमेरिकी सरकार ने 15 सुपरसोनिक पैसेंजर फ्लाइट खरीदने की घोषमा कर दी है। अमेरिका का एविएशन कंपनी यूनाइटेड एयरलाइंस और सुपरसोनिक विमान बनाने वाली कंपनी बुम सुपरसोनिक के बीच समझौता हुआ है, जिसके तहत अमेरिका बुम सुपरसोनिक से 15 सुपरसोनिक एयरक्राफ्ट खरीदेगा। 2029 तक अमेरिका अपने यात्रियों के सुपरसोनिक फ्लाइट लाने जा रहा है। ऐसे में आईये जानते हैं कि सुपरसोनिक विमानों की क्या खासियत है और टेक्नोलॉजी से कैसे हमारी दुनिया पूरी तरह से बदल रही है।

'बुम' कर रहा है निर्माण
अमेरिका के कोलोराडो में स्थिति डेनवर की बुम सुपरसोनिक और अमेरिका की एविएशन कंपनी के बीच 15 सुपरसोनिक विमानों का करार हुआ है और आगे जाकर अमेरिका और कंपनी के बीच 35 और ऐसे फ्लाइट का करार भी हो सकता है। हालांकि, अमेरिका ने सुपरसोनिक विमानों के लिए करार तो कर लिया है, लेकिन अभी तक सुपरसोनिक विमानों का ट्रायल भी शुरू नहीं हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने जो समझौता विमान कंपनी से किया है, उसके तहत अमेरिका तभी सुपरसोनिक विमान 'बुम' से खरीदेगा, जब वो सुरक्षा के तमाम मानकों को पूरा कर लेता है। (सभी तस्वीर- बुम एयरलाइंस)

क्या होता है सुपरसोनिक फ्लाइट ?
सुपरसोनिक फ्लाइट वो फ्लाइट होता है, जिसकी रफ्तार ध्वनि की रफ्तार से भी तेज हो। रिपोर्ट के मुताबिक सुपरसोनिक विमान धरती से करीब 60 हजार फीट यानि 18 हजार 300 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे और इसकी रफ्तार साधारण विमामों की रफ्तार के मुकाबले 660 मील प्रति घंटे यानि 1060 किलोमीटर प्रति घंटे ज्यादा होगी। अभी जो साधारण जेट विमानों से आप सफर करते हैं, उसकी रफ्तार साधारणतया 900 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की होती है। हालांकि, रिपोर्ट है कि अभी तक बुम कंपनी ने अभी तक कोई सुपरसोनिक विमान नहीं बना पाया है और पहले सुपरसोनिक फ्लाइट को अभी तक सर्टिफिकेट नहीं मिला है।

सुपरसोनिक विमानों से प्रदूषण?
कंपनी का दावा है कि सुपरसोनिक फ्लाइटच 100 फीसदी सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल पर चलेगा और उससे कार्बन डायऑक्साइड का उत्सर्जन नहीं होगा। बूम कंपनी ने अभी तक प्रोटोटाइप एयरक्राफ्ट ही अभी तक बनाया है जिसका इसी साल उड़ान भरना निश्चित है। कंपनी के मुताबिक इसमें सिर्फ पायलट के ही बैठने की जगह है। रिपोर्ट के मुताबिक ये एयरक्राफ्ट आसमान में करीब 60 हजार फीट की ऊंचाई भरेगा और अभी जो नॉर्मल विमान होते हैं, वो आसमान में करीब 36 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं।

सुपरसोनिक विमानों के साथ समस्या
सुपसोनिक विमानों के साथ सामान्यत: दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहला दिक्कत शोर और दूसरा प्रदूषण। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिर आवाज की गति से भी ज्यादा रफ्तार होने की वजह से ये काफी ज्यादा शोर उत्पन्न करेगा। इन विमानों से कितनी आवाज निकलेगी, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि आसमान में 18 हजार मीटर से ज्यादा की ऊंचाई पर होने के बाद भी इसकी आवाज धरती पर काफी ज्यादा सुनाई देगी। ये आवाज किसी विस्फोट के जैसा ही होगा। हालांकि, कंपनी का कहना है कि प्लेन से निकलने वाली आवाज ज्यादा नहीं होगी और सुपरसोनिक विमानों की आवाज उतनी होगी, जितनी आवाज आधुनिक जेट फ्लाइट्स से निकलती है। इसके साथ ही कंपनी का कहना है कि वक्त के साथ इसमें सुधार करते हुए इसकी आवाज को और कम किया जा सकेगा। वहीं, दूसरी बड़ी समस्या इस विमान द्वारा ज्यादा तेल की खपत होगी। बुम कंपनी के एक अधिकारी ने बीबीसी से कहा कि 'अगर आपको ज्यादा ऊर्जा चाहिए तो आपको ज्यादा फ्यूल की भी जरूरत होगी'। हालांकि, कंपनी की तरफ से ये भी कहा गया है कि सुपरसोनिक विमानों से प्रदूषण नहीं होगा।

9260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार?
आपको बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए भी सुपरसोनिक विमान का निर्माण किया जा रहा है। इसे एयरफोर्स वन के साथ बदल दिया जाएगा। इस विमान में बैठने के लिए 8 लोगों की जगह होगी, जिसमें फ्लैट सीट्स और एडजस्टेबल टेबल की भी व्यवस्था होगी। केबिन में 20 बिजनेस क्लास सीटों को रखा जाएगा और फ्लाइट के अंदर दो गैलरी भी होंगी। रिपोर्ट के मुताबिक जिस सुपरसोनिक विमान का निर्माण अमेरिकन राष्ट्रपति के लिए किया जा रहा है उसकी रफ्तार 5 हजार नॉटिकल मील यानि 9260 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी। यानि, अमेरिकी राष्ट्रपति अपने नये विमान से 7 घंटे का सफर सिर्फ 90 मिनट में ही पूरा कर सकेंगे।












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