आतंकवाद को खत्म करने के लिए पाकिस्तान से सहयोग की उम्मीद, अमेरिका ने कहा
अमेरिका ने एक बार फिर दोहराया है कि वह पाकिस्तान से आतंकवादी समूहों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की उम्मीद करता है।
अमेरिका (America) के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने पाकिस्तान को दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक बताया था। उनके इस टिप्पणी के बाद एक बार फिर से अमेरिका इस्लामाबाद को नसीहत दे रहा है। वाशिंगटन ने एक बार फिर से दोहराते हुए कहा कि वह पाकिस्तान से आतंकवादी समूहों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की उम्मीद करता है।

अमेरिका ने पाकिस्तान को दी फिर सलाह
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि, अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के साथ एक मजबूत साझेदारी चाहता है और उनसे सभी आतंकवादी, और उनके समूहों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की उम्मीद रखता है। वेंदात पटेल ने आगे कहा कि हम सभी क्षेत्रीय और वैश्विक आतंकवादी खतरों को समाप्त करने के प्रयास के लिए तत्पर हैं।

बाइडेन ने पाकिस्तान को खतरनाक देश बताया था
बता दें कि, इससे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बदलती वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति के बारे में बोलते हुए कैलिफोर्निया में एक संबोधन के दौरान कहा था कि पाकिस्तान दुनिय़ा के सबसे खतरनाक देशों में से एक हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने तर्क दिया था पाकिस्तान के पास बिना किसी मदद के परमाणु हथियार मौजूद हैं।

आतंकवाद को समाप्त करना उद्देश्य
दूसरी तरफ, पाकिस्तान ने राष्ट्रपति जो बाइडन के बयान के बाद शनिवार को अमेरिकी राजदूत डोनाल्ड ब्लोम को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया था। साथ ही पाकिस्तान ने अमेरिकी राजदूत डोनाल्ड ब्लोम के सामने राष्ट्रपति जो बाइडेन के बयान पर कड़ा विरोध भी जताया था। बता दें कि, पाकिस्तान आतंकियों का पनाहगार है। जहां खतरनाक आतंकी फलते-फूलते हैं, और दुनिया भर में खतरनाक गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचते रहते हैं।

पाकिस्तान-अमेरिका संबंध
पाकिस्तान अमेरिका संबंधों को लेकर इससे पहले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि यह एक ऐसा रिश्ता है, जिसने न तो पाकिस्तान की अच्छी तरह से सेवा की है और न ही अमेरिकी हितों की सेवा की है। इसलिए अमेरिका को इस पर विचार करना है कि इस रिश्ते से क्या लाभ है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एफ-16 लड़ाकू विमानों के लिए पाकिस्तान को अमेरिका द्वारा 45 करोड़ डॉलर के पैकेज की मंजूरी के फैसले पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था, अमेरिका-पाक संबंधों को लेकर दोनों में से किसी देश को 'कोई फायदा नहीं' हुआ है। उन्होंने पाकिस्तान को पैकेज देने पर अमेरिका द्वारा दी गई सफाई को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि आप ऐसी बातों से किसी को बेवकूफ नहीं बना सकते।

राजनाथ ने जताई थी चिंता
अमेरिका पाकिस्तान को एफ-16 विमानों के रखरखाव संबंधी पैकेज को मंजूरी दी थी तब भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से इस मुद्दे पर चिंता प्रकट की थी। जयशंकर ने भी कहा कि यदि मैं एक अमेरिकी नीति-निर्माता से बात करता तो वास्तव में कहता कि आप क्या कर रहे हैं?












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