भारत को वैक्सीन देने में देरी पर अमेरिका ने बताई कानूनी दिक्कतें, भारतीय मूल के सांसद ने उठाई आवाज
कोरोना वैक्सीन देने में अमेरिका भारत की मदद करना चाहता है, लेकिन कुछ कानूनी और रेग्यूलेटरी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
वॉशिंगटन, अगस्त 07: भारत को वैक्सीन मुहैया करवाने में हो रही है देरी को लेकर व्हाइट हाउस की तरफ से बड़ा बयान आया है। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को कहा कि जो बाइडेन प्रशासन कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ साझेदारी जारी रखने के लिए उत्सुक है, और अमेरिका लगातार भारत को कोराना वायरस के खिलाफ चल रहे इस जंग में मदद देगा, लेकिन वैक्सीन देने में जो देरी हो रही है, उसके पीछे अमेरिका जिम्मेदार नहीं है।

वैक्सीन देरी पर बोला अमेरिका
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी ने 6 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संवाददाताओं से कहा कि, ''अमेरिका से भारत को कोरोना वायरस के टीके उपलब्ध कराने में देरी वाशिंगटन की वजह से नहीं है।'' उन्होंने कहा कि, "मैं पहले कहूंगी कि कुछ देशों के साथ हमारे कानून और दूसरे रेग्यूलेट्री मुद्दे हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है और हम लगातार टीके का वितरण कर रहे हैं''। समाचार एजेंसी पीटीआई के सवाल पर व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि, "होल्डअप इस छोर पर नहीं है, लेकिन हम टीके प्राप्त करने और भारत के लोगों को सहायता जारी रखने के लिए उत्सुक हैं और महामारी को के खिलाफ इस जंग में हम सामूहिक लड़ाई जारी रखना चाहते हैं''। व्हाइट हाउस की तरफ से दिए गये बयान में कहा गया है कि ''हम अपने साझेदारों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं, उनकी सहायता करना चाहते हैं, चाहे वो सहायता वैक्सीन के तौर पर हो''।
भारत को सिर्फ 75 लाख वैक्सीन
इस बीच भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने शुक्रवार को कहा कि, अमेरिका ने भारत को केवल 75 लाख वैक्सीन की खुराक ही उपलब्ध करवाई है, जो भारत जैसे देश के लिए बिल्कुल पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि ''जैसे ही हम भारतीय स्वतंत्रता दिवस के करीब पहुंच रहे हैं, हमें वैश्विक साझेदारी विकसित कर, कोरोना वायरस से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा करने की आवश्यकता है।'' उन्होंने कहा कि ''वास्तव में इस महामारी को खत्म करने के लिए बेहद जरूरी अरबों डोज टीकों को बनाने और उनके डिस्ट्रीब्यूशन की जरूरत होगी और इस काम के लिए वैश्विक साझेदारी काफी ज्यादा जरूरी है''। इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि ''हम भारत और अपने दूसरे साझेदारों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वो खुद से भी वैक्सीन का निर्माण कर सके''।
नोविड एक्ट पारित करने की मांग
इसके साथ ही अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने नोविड एक्ट लागू करने की मांग की है। भारतीय मूल के अमेरिकी सासंद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि नोविड एक्ट के तहत अमेरिका महामारी के लिए वर्ल्ड हेल्थ रिएक्शन की निगरानी के लिए महामारी के दौरान होने वाली तैयारी और प्रतिक्रिया के लिए कार्यक्रम स्थापित करेगा। अमेरिकी सांसद का बयान ऐसे वक्त में आया है, जब अमेरिका की तरफ से भारत को वैक्सीन सप्लाई करने में देरी की जा रही है और भारत को जल्द से जल्द वैक्सीन चाहिए। भारत की कोशिश है कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने से पहले ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को वैक्सीन की खुराक दे दी जाए, ताकि तीसरे लहर में ज्यादा नुकसान ना हो।












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