अमेरिका ने स्वीकार किया काबुल में ड्रोन हमले में मारे गए थे 10 आम नागरिक, कहा- 'हमसे गलती हो गई'

अमेरिका ने स्वीकार किया काबुल में ड्रोन हमले में मारे गए थे 10 आम नागरिक, कहा- 'हमसे बड़ी गलती हो गई'

वाशिंगटन, 18 सितंबर: अमेरिका ने स्वीकार किया है कि काबुल में इस्लामिक स्टेट के संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ ड्रोन हमले में बच्चों समेत 10 आम नागरिक की मौत हो गई थी। अमेरिका के एक शीर्ष जनरल ने स्वीकार किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका से एक ''ट्रैजिक गलती'' हो गई है। अमेरिका ने अगस्त के आखिरी दिनों में अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिको को वापस बुलाने के दौरान काबुल में इस्लामिक स्टेट के संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ ड्रोन हमला किया था। इस हमले में बच्चों सहित 10 नागरिकों की मौत हो गई थी। इस बात को अमेरिका ने स्वीकार कर लिया है।

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    अमेरिकी मध्य कमान के कमांडर जनरल केनेथ मैकेंजी ने कहा, ड्रोन हमले में 7 बच्चों समेत 10 लोग मारे गए, जिनमें से कोई भी आईएस से जुड़ा नहीं था। 26 अगस्त को एक इस्लामिक स्टेट-खुरासान ने काबुल एयरपोर्ट पर आत्मघाती हमला करवाए थे, जिसमें हवाईअड्डे पर 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी। जिसके बाद अमेरिका ने ड्रोन स्ट्राइक किया था।

    अमेरिका ने मांगी माफी

    मांडर जनरल केनेथ मैकेंजी ने जांच के बाद संवाददाताओं से कहा, "ड्रोन स्ट्राइक एक दुखद गलती थी।" अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने एक बयान में मारे गए लोगों के परिजनों से माफी मांगी। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा है, "मैं मारे गए लोगों के परिवार के जीवित सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।" उन्होंने कहा,"हम माफी चाहते हैं और हम इस भयानक गलती से भविष्य में सीखने का प्रयास करेंगे।''

    वहीं कमांडर जनरल केनेथ मैकेंजी ने कहा कि सरकार इस बात का अध्ययन कर रही है कि मारे गए लोगों के परिवारों को नुकसान का भुगतान कैसे किया जा सकता है।

    अमेरिकी मध्य कमान के कमांडर जनरल केनेथ मैकेंजी ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबानियों के खिलाफ 20 साल के अमेरिकी युद्ध का ही परिणाम था कि एक संदिग्ध आईएस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। अमेरिकी खुफिया के पास काबुल हवाई अड्डे पर हमला करने के उद्देश्य से "उचित निश्चितता" थी।

    अमेरिका खुफिया जानकारी निकली गलत

    कमांडर जनरल केनेथ मैकेंजी ने कहा कि 29 अगस्त को अमेरिकी बलों ने काबुल में एक साइट पर एक सफेद टोयोटा को देखा था। जिसके बाद आठ घंटे तक उस सफेद टोयोटा को ट्रैक किया गया था। खुफिया विभाग ने उस स्थान की पहचान की और बताया कि ये जगह उन इस्लामिक स्टेट के गुर्गों का है, जिन्होंने काबुल हवाई अड्डे पर हमले की तैयारी की थी।

    उन्होंने कहा कि खुफिया रिपोर्टों ने अमेरिकी बलों को एक सफेद टोयोटा कोरोला पर नजर रखने के लिए बोला था, जिसका इस्लामिक स्टेट का समूह कथित तौर पर उपयोग कर रहा था।

    केनेथ मैकेंजी ने कहा, "हमने इस कार को टारगेट किया और इसको ट्रैक किया। स्पष्ट रूप से हमारी खुफिया इस सफेद टोयोटा को लेकर गलत थी।

    न्यूयॉर्क टाइम्स की जांच रिपोर्ट के मुताबिक 29 अगस्त 2021 को जिस वक्त अमेरिका ने ड्रोन स्ट्राइक किया था, एक फेद टोयोटा कार को 43 साल के जेमारी अहमदी चला रहे थे। सफेद टोयोटा कार की मॉडल 1996 की थी। दावा किया गया था कि इस सफेद टोयोटा कार में विस्फोटक था जबकि इस कार में पानी के कंटेनर रखे थे। इस हमले में कार नष्ट हो गई है और एयरस्ट्राइक में जेमारी और 7 बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हुई है।

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