दुनिया को यमन के हालात बताने वाली सात वर्ष की बच्ची अमाल हुसैन की भुखमरी से मौत
सना। सात वर्ष की अमाल हुसैन वह बच्ची जिसकी दर्दनाक तस्वीर ने मीडिल ईस्ट के अहम देश यमन में मौजूद हालातों को बताया था, उसकी मौत हो गई है। पिछले वर्ष अमाल की तस्वीर अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी थी और उसकी तस्वीर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। अमाल की तस्वीर यमान में मौजूद उन लाखों लोगों की वर्तमान स्थिति को बयां करने वाली थी जो यहां पर युद्ध के बाद पैदा भुखमरी और अकाल का सामना करने को मजबूर हैं। अमाल की मौत उत्तरी यमन स्थित एक शरणार्थी शिविर में हुई है। उसकी मौत के बारे में उसके परिवार ने द टाइम्स को दी है।

अमाल की मां को अब बाकी बच्चों की चिंता
अमाल की मां मरियम अली ने द टाइम्स को बताया, 'मेरा दिल टूट गया है। अमाल हमेशा हंसती रहती थी। अब मैं अपने बाकी बच्चों के लिए परेशान हूं।' द टाइम्स ने यमन के डॉक्टरी मकिया मेहदी के हवाले से लिखा है, 'उनके पास अमाल जैसे कोई और केस है।' मेहदी ने अमाल की मौत से पहले उसका इलाज किया था। अमाल की फोटोग्राफ पुलित्जर पुरस्कार विजेता फोटोग्राफर टेलर हिक्स ने क्लिक की थी। टेलर ने अपनी फोटोग्राफ में दिखाया था कि असलम में स्थित यूनीसेफ के मोबाइल क्लीनिक में एक बेड के करीब एक बहुत ही कमजोर बच्ची पड़ी हुई थी।
हिक्स की फोटोग्राफ ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। अमाल की फोटोग्राफ ने एक ऐसे संकट की तस्वीर पेश की थी जिसे यूनाइटेड नेशंस ने सबसे खराब संकट करार दिया था। एक रेडियो प्रोग्राम में हिक्स ने बताया था कि अमाल को फोटोग्राफ करना भावनात्मक तौर पर उनके लिए बहुत ही मुश्किल और दिल तोड़ने वाला पल था लेकिन यह बहुत महत्वपूर्ण भी था। हिक्स ने कहा था कि अमाल ने यह बयां किया था कि यमन में भुखमरी और कुपोषण एक दर्दनाक स्तर पर पहुंच चुका है।












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