अलकायदा का नंबर-2 अबु मोहम्मद ईरान में सीक्रेट मिशन में ढेर, 22 साल से थी अमेरिका को तलाश
नई दिल्ली। आतंकी संगठन अलकायदा में नंबर दो अबु मोहम्मद अल मसरी को मार गिराया गया है। ईरान में एक सीक्रेट मिशन में उसे मारा गया है, जिसे इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद की स्पेशल टीम ने अंजाम दिया है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क पोस्ट ने इसको लेकर जानकारी दी है। आतंकी अबु मोहम्मद के ऊपर 1998 में केन्या और तंजानिया में अमेरिकी दूतावासों में हुए बम धमाके कराने के आरोप थे। उसे इन धम धमाकों के मास्टरमाइंड का सहयोगी बताया गया था। इन हमलों के 22 साल बाद उसे मार दिया गया है।

सात अगस्त को मारा गया था अबु को
अमेरिकी अखाबर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, अलकायदा के वान्टेड अब्दुल्ला अहमद अब्दुल्ला उर्फ अबू मोहम्मद अल मसरी को सात अगस्त को मारा गया था। उसे उस वक्त गोली मारी गई, जब वो तेहरान में कार से कहीं जाने के लिए निकला था। ईरान की राजधानी तेहरान में मारे गए अलकायदा के नंबर दो सरगना अबु मोहम्मद की उम्र 59 साल थी। अबु मोहम्मद के साथ उसकी बेटी भी इस ऑपरेशन में मारी गई है। जिसे ओसामा बिन लादेन की बहू बताता गया है। अबु मोहम्मद की बेटी मरियम की शादी ओसामा बिना लादेन के बेटे हमजा बिन लादेन से हुई थी।
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अमेरिका, ईरान इस ऑपरेशन पर चुप
इस हमले की अभी तक इस हमले की किसी भी देश ने जिम्मेदारी नहीं ली है। अमेरिका, ईरान और इजरायल में से किसी ने भी इस सीक्रेट मिशन के पीछे होना स्वीकार नहीं किया है। अलकायदा ने भी अभी अबू मोहम्मद की मौत का ऐलान नहीं किया है और ना ही इस पर कोई प्रतिक्रिया दी है। जानकारी के मुताबिक ईरान की मीडिया ने 7 अगस्त को हुए इस हमले में मारे गए शख्स को एक टीचर बताया था।

केन्या और तंजानिया में अमेरिकी दूतावास पर 1998 में हुआ था हमला
अफ्रीकी देश केन्या और तंजानिया में अमेरिकी दूतावास पर 9 अगस्त 1998 को हमले हुए थे। इसमें 224 लोग मारे गए थे और हजारों लोग घायल हो गए थे। इसी हमले में अबू मोहम्मद की अमेरिका को तलाश थी। अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने उस पर इनाम भी घोषित किया था।












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