पाकिस्तान से निकलने लगे अफगान नागरिक, 1 नवंबर से पहले निकाले जाएंगे 17 लाख, कहां गया इस्लामिक भाईचारा?

Afghanistsn-Pakistan News: पाकिस्तान, जो दुनियाभर के मुसलमानों का ठेका लिए फिरता है, उसका मुस्लिम प्रेम एक बार फिर से बेनकाब हो गया है और पाकिस्तान ने 17 लाख अफगान नागरिकों को देश से बाहर निकालना शुरू कर दिया है। अफगानिस्तान के लोग, रोते-बिलखते पाकिस्तान से वापस अपने वतन लौट रहे हैं।

पाकिस्तानी अखबार द न्यूज ने अधिकारियों के हवाले से बताया है, कि पाकिस्तान में अवैध रूप से रहने वाले अप्रवासियों ने इस्लामाबाद के 1 नवंबर के अल्टीमेटम जारी करने के बाद, देश छोड़ना शुरू कर दिया है।

afghan nationals starts returning from pakistan

बॉर्डर अधिकारियों ने कहा है, कि कार्यवाहक आंतरिक मंत्री सरफराज बुगती की इस घोषणा के बाद, कि पाकिस्तान में अवैध रूप से रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, करीब 1,000 सदस्यों वाले 30 से ज्यादा परिवारों ने युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में वापस अपनी यात्रा शुरू कर दी है।

वापस अफगानिस्तान लौटने वालों को समायोजित करने के लिए, अधिकारियों ने तोरखम सीमा पर एक पार्किंग क्षेत्र को तैयार किया है, जहां अफगान नागरिकों का रजिस्ट्रेशन और कागजी खानापूर्ति की जा रही है और फिर उन्हें अफगानिस्तान वापस भेजा जा रहा है।

पाकिस्तान से वापस लौट रहे अफगान

पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, देश भर के शहरों में अफगान परिवारों ने गिरफ्तारी और उनके अवैध निवास के कारण होने वाले अन्य परिणामों से बचने के लिए पलायन शुरू कर दिया है।

अफगानिस्तान के लघमान प्रांत के निवासी बरयाले हसरत ने द न्यूज को बताया, कि उनका नौ सदस्यों का परिवार पिछले 20 वर्षों से नौशेरा में रह रहा था। उन्होंने कहा, कि हालांकि उनके पास राष्ट्रीय डेटाबेस और पंजीकरण प्राधिकरण (नादरा) द्वारा जारी अफगान नागरिक कार्ड हैं, लेकिन वे स्वेच्छा से अफगानिस्तान लौट रहे हैं, क्योंकि उनके देश में आर्थिक और सुरक्षा स्थिति, पाकिस्तान की तुलना में बेहतर है।

आपको बता दें, कि तालिबान ने पाकिस्तान में रहने वाले अमीर अफगानों से आग्रह किया है, कि वो पाकिस्तान से अपना कारोबार समेटकर वापस अफगानिस्तान लौट आएं और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दें।

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नये सिरे से फिर बसानी होगी जिंदगी

अफगान नागरिकों की जिंदगी काफी मुश्किलों से भरी है। अफगान युद्ध के समय उन्हें भागकर पाकिस्तान आना पड़ा और पिछले 20 सालों में उन्होंने जैसे-तैसे नई जिंदगी शुरू की थी और अब एक बार फिर से उन्हें जीवन बसाने के लिए नये सिरे से मशक्कत करनी पड़ेगी।

लिहाजा, अफगान नागरिकों ने अफगानिस्तान लौटने वालों के लिए वित्तीय सहायता का भी अनुरोध किया है, ताकि वे अपने घरों का पुनर्निर्माण कर सकें और वहां अपनी आजीविका शुरू कर सकें।

इससे पहले, पाकिस्तान ने सभी अवैध अप्रवासियों से 30 अक्टूबर तक स्वेच्छा से देश छोड़ने का आदेश दिया था और चेतावनी दी थी, कि 31 अक्टूबर के बाद भी जो लोग पाकिस्तान में रहेंगे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।

दूसरी तरफ, विभिन्न पाकिस्तानी शहरों में रहने वाले बड़ी संख्या में अफगान नागरिकों ने पाकिस्तान सरकार से राहत देने की अपील की है, क्योंकि उनका कहना है, कि उनके बच्चे पाकिस्तान में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने चिंता व्यक्त की है, कि अचानक चले जाने से उनके बच्चों की शिक्षा बंद हो सकती है। खासकर, लड़कियों की शिक्षा फौरन बंद हो जाएगी। वे अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा को लेकर विशेष रूप से चिंतित थे, क्योंकि अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात ने लड़कियों के स्कूल जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

पाकिस्तान ने राहत देने से किया इनकार

पाकिस्तान ने कहा है, कि देश में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे अफगानिस्तान के नागरिक जिम्मेदार हैं, इसीलिए उन्हें हर हाल में देश छोड़ना होगा।

लिहाजा, पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान के बीच तनातनी काफी बढ़ चुकी है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सामानों को खरीदना बंद कर दिया है, जिससे अफगान-पाकिस्तान सीमा पर हजारों ट्रक सामानों से भरे फंस गये हैं।

तालिबान के अंतरिम रक्षा मंत्री मुल्लाह मोहम्मद याकूब ने पाकिस्तान सरकार के फैसले को 'बर्बर' करार दिया है।

पाकिस्तान सरकार की रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में करीब 13 लाख अफगान शरणार्थी रजिस्टर्ड हैं और 8 लाख 80 हजार शरणार्थियों के पास पाकिस्तान में रहने की कानूनी स्थिति है। जबकि, देश में 17 लाख शरणार्थी अवैध तरीके से रह रहे हैं, जिन्हें 31 अक्टूबर तक देश निकाल दिया जाएगा।

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तालिबानी रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान से अपील करते हुए कहा, कि "इस क्रूरता और बर्बरता को रोकें, इस फैसले से दोनों देशों के बीच स्थिति खराब हो जाएगी, और यह प्रयास हम दोनों मिलकर कर रहे हैं, कि हमें एक-दूसरे के साथ चीजों को ठीक करना चाहिए, इसलिए क्रूरता और बर्बरता के साथ, हम आगे नहीं बढ़ सकते हैं, और हम संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार संगठनों से अनुरोध करते हैं कि वे मैदान में आएं और पाकिस्तान के हाथों को इस क्रूरता से रोकें।"

तालिबान के रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने पाकिस्तान में रहने वाले अफगानी नागरिकों से आह्वान करते हुए कहा, कि "वो पाकिस्तान से अपनी संपत्ति बाहर निकालकर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दें, क्योंकि पाकिस्तान ने ये संपत्ति अफगानों के कंधों पर बनाई है।"

उन्होंने कहा, कि "पाकिस्तान छोड़कर अमीर अफगान, वापस अफगानिस्तान आएं और अफगानों की सेवा करें।"

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