अफगानिस्तान में जनाज़े के नमाज के दौरान बम ब्लास्ट, डिप्टी गवर्नर की हत्या के बाद मनाया जा रहा था शोक
अफगानिस्तान में तालिबान के ही बनाए निशान पर आईएसआईएस-के के आतंकी भी चल रहे हैं और तालिबान के हमले का ही पैटर्न इस्तेमाल कर रहे हैं।

Afghanistan Bomb Blast: अफगानिस्तान के उत्तरपूर्वी बदख्शां प्रांत में एक भीषण बम धमाका हुआ है और तालिबान के एक अधिकारी ने कहा है, कि बदख्शां प्रांत में एक डिप्टी गवर्नर की हत्या के बाद आयोजित जनाज़े की नमाज़ के दौरान ये धमाका हुआ है, जिसमें कई लोगों के मारे जाने की खबर है।
तालिबान का डिप्टी गवर्नर भी दो दिन पहले एक बम धमाके में मारा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, ये बम धमाका बदख्शां के डिप्टी गवर्नर मौलवी निसार अहमद अहमदी के अंतिम संस्कार के दौरान नबावी मस्जिद के पास हुआ है।
बदख्शां की राजधानी फैजाबाद में मंगलवार को उनके ड्राइवर सहित कार बम विस्फोट में उनकी मौत हो गई थी। सूचना और संस्कृति के प्रांतीय निदेशक मोआज़ुद्दीन अहमदी ने विस्फोट की पुष्टि की है, हालांकि, इस बम धमाके में कितना नुकसान हुआ है, इसकी फिलहाल जानकारी नहीं है।
अफगानिस्तान में बम धमाका
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, कि विस्फोट मस्जिद के अंदर हुआ जहां तालिबान के अधिकारी और स्थानीय लोग स्मारक समारोह में शामिल हु ए थे।
इस्लामिक स्टेट समूह ने मंगलवार के कार बम विस्फोट की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें डिप्टी गवर्नर और उनके ड्राइवर की मौत हो गई। विस्फोट में दस लोग घायल भी हुए हैं। वहीं, बदख्शां में सूचना और संस्कृति के निदेशक के अनुसार, डिप्टी गवर्नर अहमदी विस्फोट में घायल हो गए थे और स्थानीय अस्पताल में कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
आपको बता दें, कि इससे पहले दिसंबर में, एक कार बम विस्फोट में बदख्शां के प्रांतीय पुलिस प्रमुख की मौत हो गई थी, जब वह काम पर जा रहे थे।
इस्लामिक स्टेट समूह के क्षेत्रीय सहयोगी, जिसे खुरासान प्रांत में इस्लामिक स्टेट के रूप में जाना जाता है, ने उस समय कहा था, कि उसने उस हमले को अंजाम दिया है। आईएस ने कहा, कि उसने विस्फोटक से लदी एक कार सड़क पर खड़ी की थी और पुलिस प्रमुख के पास आने पर उसमें विस्फोट कर दिया।
आपको बता दें, कि अफगानिस्तान में तालिबान और इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के बीच लगातार संघर्ष चलता रहता है और इस्लामिक स्टेट के आतंकी, हर दूसरे दिन कहीं ना कहीं बम धमाके और हमले करते रहते हैं। इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने भी हमला करने का वही पैटर्न अपनाया हुआ है, जैसा पैटर्न तालिबान ने अमेरिकी सैनिकों के रहते अपनाया था।
दरअसल, अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में सत्ता में लौटने के बाद से, तालिबान ने इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत, जिसे आईएसआईएस-के भी कहा जाता है, उसे रोकने में बुरी तरह से नाकाम साबित हुआ है और अफगानिस्तान में लगातार हमले करने वाले इस्लामिक स्टेट समूह के सहयोगी संगठन को कंट्रोल करने में लगातार फेल नजर आया है।
इस्लामिक स्टेट के आतकी अब तालिबान के शीर्ष अधिकारियों की हत्या कर रहे हैं और उन्हें बम धमाके में उ़ड़ा रहे हैं। वहीं, ISIS-K की शक्ति में अब इस कदर इजाफा होने लगा है, कि आशंका इस बात को लेकर हैं, कि वो अब सिर्फ अफगानिस्तान तक ही सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि अब अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए भी खतरा बन गया है।
इससे पहले 9 मार्च 2023 को, इस्लामिक स्टेट समूह ने एक आत्मघाती बम विस्फोट की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें उत्तरी अफगानिस्तान में बल्ख प्रांत के तालिबान गवर्नर मोहम्मद दाऊद मुज़म्मिल समेत दो लोगों को उड़ा दिया गया था।
अभी हाल ही में, 15 मार्च को इस्लामिक स्टेट ने ISIS-K के पूर्व गढ़ नंगरहार के पूर्वी प्रांत में एक तालिबान जिला गवर्नर पर भी हमला किया, हालांकि ये हमला नाकाम रहा था। लेकिन, आईएसआईएस-के हार मानने का नाम नहीं ले रहा है और इसने तालिबान की नाक में दम कर दिया है।












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