ग्रीस में 2 बंदरगाह खरीद सकते हैं गौतम अडानी, जानिए कैसे यूरोप के बाजार पर कब्जा करने की तैयारी में है भारत
भारत के सबसे धनी शख्स गौतम अडानी की कंपनी अडानी पोर्ट्स की विदेश में एक बड़ी डील हो सकती है। अडानी पोर्ट्स एक यूनानी बंदरगाह के अधिग्रहण की योजना पर काम कर रही है।
पीएम मोदी ने हाल ही में ग्रीस की यात्रा की थी। वे 40 सालों में ग्रीस जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे। ग्रीस की वेबसाइट के मुताबिक पीएम मोदी की ग्रीस यात्रा को कई कारणों से ऐतिहासिक बताया गया है।

पीएम मोदी की इस यात्रा को बहु-स्तरीय रणनीतिक सहयोग की शुरुआत का प्रतीक बताया गया है। ग्रीक मीडिया वेबसाइट्स ग्रीक सिटी टाइम्स के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी की एक दिवसीय यात्रा के दौरान बंदरगाह अधिग्रहण, रणनीतिक निवेश, पर्यटन और प्रवासन से संबंधित सौदों पर चर्चा की गई थी।
वेबसाइट के मुताबिक भारत चाहता है कि ग्रीस उसके लिए 'यूरोप का प्रवेश द्वार' बने। इसे लेकर ग्रीस में पोर्ट्स के अधिग्रहण पर चर्चा हुई है। इसके जरिए यूरोप में भारतीय निर्यात को आसान बनाया जा सकेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक अगर इसकी प्रक्रिया शुरू होती है तो इसमें अडानी समूह की एक या एक से ज्यादा पोर्ट अधिग्रहण की दिलचस्पी हो सकती है। ग्रीस सिटी टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि अडानी ग्रुप ने दो बंदरगाहों पर ध्यान केंद्रित किया है।
इसमें कावला और वोलोस बंदरगाह प्रमुख हैं। ये ग्रीस की राजधानी एथेंस से 330 किमी दूर हैं। उत्तरी ग्रीस में स्थित कावला, पूर्वी मैसेडोनिया क्षेत्र में मुख्य बंदरगाह के रूप में कार्य करता है, जो बाल्कन के कुछ हिस्सों की आपूर्ति करता है।
इसके साथ ग्रुप की दिलचस्पी अलेक्जेंड्रोपोली बंदरगाह में भी है। हालांकि, भारत के लिए यूरोप में प्रवेश द्वार के रूप में काम करने के लिए इसके विस्तार की जरूरत होगी। अगर भारतीय कंपनियां एक या एक से अधिक बंदरगाहों का अधिग्रहण करती हैं तो ग्रीस आधिकारिक तौर पर यूरोप के लिए भारत का गेटवे बन जाएगा।
स्थानीय ग्रीक मीडिया में यह भी चर्चा है कि भारत अपने यूरोपीय निर्यात के लिए एथेंस के पास पीरियस बंदरगाह का उपयोग करने की संभावना भी तलाश रहा है। लेकिन यहां पर समस्या यह है कि यह चीनी-नियंत्रित बंदरगाह है।
चीन की COSCO शिपिंग 67 फीसदी हिस्सेदारी के साथ पीरियस बंदरगाह की मेजर स्टेकहोल्डर है। चीन ने पीरियस बंदरगाह को इस इलाके का सबसे बड़ा बंदरगाह बना डाला है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2019 में पीरियस बंदरगाह का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने इसे यूरोप के साथ चीन के जुड़ाव के अलावा एशिया और यूरोप के बीच कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए इसकी सराहना की थी।
भारतीय प्रधानमंत्री ने अपनी ग्रीक यात्रा के दौरान इस बात पर जोर दिया कि वह ग्रीस को यूरोपीय संघ में भारत के लिए एक आवश्यक आर्थिक, परिवहन और रणनीतिक प्रवेश द्वार मानते हैं। इस दौरान उन्होंने दोनों पक्षों के लिए 'महान अवसरों' के बारे में बात की।
ग्रीस में श्रमिकों की कमी को देखते हुए भारतीय प्रधानमंत्री ने भारत से कुशल और अकुशल कर्मियों को आयात करने के लिए एक अंतरराज्यीय समझौते का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ पीएम मोदी ने भारत से लाखों पर्यटकों को ग्रीस भेजने के लिए एक अंतरराज्यीय सौदा भी प्रस्तुत किया है।
ग्रीक वेबसाइट के मुताबिक इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी के साथ दर्जनों भारतीय व्यवसायी शामिल थे, जिनमें से सात व्यवसायी दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों में से थे। ये सभी व्यवसायी प्रधानमंत्री मोदी के साथ रात्रिभोज में उनके साथ थे।
इस दौरान पीएम मोदी ने यूनानी व्यवसायियों से भी मुलाकात की और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। ग्रीक सिटी टाइम्स लिखता है कि पीएम मोदी और उनके साथ आए व्यवसायियों को ग्रीस में निवेश की व्यापक संभावनाएं दिखीं।
उन्होंने ग्रीस में उच्च प्रौद्योगिकी के बुनियादी ढांचे, होटल इकाई और मरीन के अधिग्रहण के साथ पर्यटन, भारी उद्योग, परिवहन आदि कई क्षेत्रों में अवसर दिखाई दिया।












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