अमेरिका में जेल में एक्सरे मशीन से मुसलमानों को मारने की साजिश!
न्यूयॉर्क। पिछले करीब दो माह से अमेरिका में मुसलमानों और मुस्लिम धर्म के खिलाफ नफरत का एक माहौल तैयार हो गया है। यह बात पेरिस आतंकी हमलों के बाद सामने आई प्रतिक्रियाओं से साफ हो गई थी लेकिन वर्ष 2014 से ही इस देश में मुसलमानों के खिलाफ खतरनाक साजिश हो रही हैं।

ऐसी ही एक साजिश के तहत न्यूयॉर्क की एक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को सजा सुनाई है। 57 वर्ष के इस इंजीनियर जेल में एक्सरे मशीन की मदद से मुसलमानों को मारने की साजिश रची थी।
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एरिक फेट नामक इस सिस्टम इंजीनियर ने कोर्ट को बताया है कि वह एक रिमोर्ट कंट्रोल तैयार कर रहा था जिसका मकसद एक मोबाइल एक्सरे मशीन को नियंत्रित करना था। ताकि इसकी मदद से वह चुपचाप मुसलमानों को मार डाले और किसी को भी इसका पता न लग पाए।
फेट ने वर्ष 2014 में आतंकियों की मदद के लिए सामान मुहैया कराया था। फेट को कोर्ट ने आठ वर्ष की सजा सुनाई है।
फेट ने कोर्ट को जानकारी दी कि उसे पहले इस प्लॉट के मास्टरमाइंड ग्लेंडन स्कॉट क्राफर्ड ने संपर्क साधा था। उन्होंने ही उससे एक मोबाइल एक्सरे डिवाइस तैयार करने को कहा था।
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फेट के मुताबिक उसे बाद में पता लगा था कि इस मशीन को उन जेलों में प्रयोग करना था जहां पर मुसलमान कैदी थे। फेट के मुताबिक उसे नहीं मालूम था कि इस प्लॉट में टारगेट कौन था।
फेट की शादी हो चुकी है और वह तीन बच्चों के पिता हैं। फेट के मुताबिक उसे इस प्लॉट में पीछे हटने से डर लगने लगा था। क्रॉफर्ड ने उसे प्लॉट को वित्तीय मदद देने वाले दो ऐसे लोगों से मिलवाया था जो एफबीआई के अंडरकवर एजेंट्स थे।
नेवी से रिटायर क्रॉफर्ड पूरी तरह से एक पारिवारिक व्यक्ति हैं और उनके परिवार का कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। क्रॉफर्ड का मानना है कि इस्लाम डीएनए में होने वाला संक्रमण है।












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