वियतनाम जंग की बेरहम तस्वीर, बिना कपड़ों के भागी थी लड़की,50 साल बाद हुआ अंतिम ऑपरेशन
जंग दुनिया को तबाह और बर्बाद कर देती है। वियतनाम की जंग उसका जीता और जागता सबूत है। युद्ध के इतने साल गुजर जाने के बाद भी कुछ लोगों के जेहन और शरीर पर आज भी निशान मौजूद हैं। नेपलम गर्ल उनमें से एक हैं......
मियामी, 30 जून : दुनिया आज भी वियतनाम जंग का नाम सुनकर कांप जाती है। उस जंग ने देश की दशा और दिशा ही बदलकर रख दिया था। इसी कड़ी में एक 9 साल की लड़की का नाम भी सामने आता है जिसकी एक तस्वीर उस वक्त पूरी दुनिया में वायरल हो गई थी। उसकी उस तस्वीर को देखकर पत्थर दिल वाले भी पिघल गए थे। उस लड़की का नाम किम फुक फान ति था, जिसने अपनी जान बचाने के लिए 9 साल की उम्र में बिना कपड़ों के सड़कों पर भाग रही थी। वह रो रही थी, चिल्ला रही थी। उस वक्त किसी ने उस दर्दनाक तस्वीर को अपने कैमरे में कैद कर लिया था। वह तस्वीर आज भी आपको मिल जाएंगी।

जंग के दौरान घायल हुई थी बच्ची
वियतनाम की जंग (Vietnam war) के दौरान एक नौ साल की बच्ची बम धमाके से निकलने वाली आग में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उस समय अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने नेपलम बम गिराये थे। इस बम के चलते बड़े इलाके में आग लग जाती थी और जानमाल का भारी नुकसान होता था। एक ऐसे ही हमले में किम फुक फान ति नाम की 9 साल की बच्ची बम फटने के बाद उस आग में जल गई थी।
सड़कों पर बिना कपड़ों के बेतहाशा रोते, बिलखते भाग रही थी लड़की
उस नन्ही सी जान ने अपनी जिंदगी बचाने के लिए वह बिना कपड़ों के सड़कों पर बेतहाशा और बदहवास होकर भागी थी। चीखती-चिल्लाती नग्न बच्ची की तस्वीर युद्ध की क्रूरता का गवाह बन गई थी। उस नग्न बच्ची की तस्वीर ने दुनिया भर के लोगों के रूह तक को कंपा दिया था। उस बेरहम जंग ने लड़की को खत्म ही कर दिया होता अगर वह जान बचाने के लिए सड़कों पर नहीं भागती।
उस भयंकर जंग ने दिया लड़की को नया नाम
उस लड़की को नेपलम गर्ल नाम दिया गया था। घटना के 50 साल बाद उसकी अंतिम स्किन सर्जरी हुई है। बता दें कि,फान ति उर्फ नेपलम गर्ल की उम्र अब 59 साल हो गई है। अमेरिका के मियामी के एक हॉस्पिटल में उसके स्किन का अंतिम इलाज हुआ। बम की चपेट में आने के चलते उसका शरीर जल गया था। वह 1972 में अपने गांव में थी तभी आसमान से गिराये गए बम की चपेट में आ गई थी। उसे एक साल तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा और 17 सर्जरी करानी पड़ी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी आगे के कई दशकों तक उसे कई बार इलाज कराना पड़ा।
1992 में वियतनाम से भाग गई थी फान ति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फान ति और उसके पति 1992 में वियतनाम से भाग गए थे और बाद में कनाडा पहुंचे। 2015 में वह अमेरिका के मियामी के एक हॉस्पिटल की डॉक्टर जिल वाईबेल के संपर्क में आई। डॉ जिल ने उनके जले के निशान का खास इलाज किया। फान ति की कहानी जानने के बाद डॉ जिल ने उनका मुफ्त इलाज किया। पुलित्जर पुरस्कार विजेता पत्रकार निक यूट ने 1972 में जान बचाने के लिए भाग रही फान ति की तस्वीर ली थी। मियामी में पिछले दिनों जब उनका अंतिम ऑपरेशन हुआ तब निक यूट ने उनकी एक बार फिर तस्वीर ली। इस बार फान ति मुस्कुरा रही थी।
उस बेरहम जंग ने बदल दी थी लड़की की जिंदगी
एक इंटरव्यू में फान ति ने कहा कि उस भयानक घटना ने मेरा जीवन बदल दिया। वह अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी तभी वियतनामी सैनिकों ने भागने के लिए कहा। एक हवाई जहाज बम गिरा रहा था। उसके गांव में आग लग गई थी। आग लगने से उसके कपड़े जल गए थे। फान ति ने कहा, "मुझे अभी भी याद है कि मैंने उस वक्त क्या सोचा था। मैंने सोचा था, 'हे भगवान, मैं जल गई, अब बदसूरत हो जाऊंगी मैं, लोग मुझे अलग तरीके से देखेंगे। 50 साल बाद मैं अब युद्ध का शिकार नहीं हूं। मैं नेपलम गर्ल नहीं हूं।"अब मैं एक दोस्त हूं, एक सहायक हूं, मैं एक दादी हूं और अब मैं एक Survivor हूं जो शांति की चाह रखती है।












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