इंसानों की वजह से बड़े संकट में कछुए, 99 प्रतिशत अंडों से निकल रहीं मादा, ये है वजह
नई दिल्ली: इंसानों ने प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन किया, जिस वजह से आज बहुत से जीव मुश्किल में पड़ गए हैं। हालांकि ज्यादातर देश जलवायु परिवर्तन को लेकर कड़े कदम उठाने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन उनका कुछ खास असर देखने को नहीं मिल रहा। जलवायु परिवर्तन के कारण अब ठंडे इलाकों में भी तापमान तेजी से बढ़ रहा, ऐसे में उसका सीधा असर हमारे पारिस्थिकी तंत्र पर पड़ रहा। अब इससे जुड़ी एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है।

नर नहीं हो रहे पैदा
अमेरिका में भी गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है, जिसका असर वहां पर कछुओं के प्रजनन पर पड़ रहा। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्लोरिडा में गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि वहां पर नर कछुए पैदा ही नहीं हो रहे, जबकि मादा कछुओं की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही। वैज्ञानिकों के मुताबिक अमेरिका के रेतीले तट इतने ज्यादा गर्म हो गए हैं कि वहां पर नर कछुओं के पैदा होने लायक ठंडी नहीं मिल पा रही।

चार साल से नहीं मिला नर
मैराथन में स्थित टर्टल हॉस्पिटल (कछुओं का अस्पताल) के प्रबंधक बेट्टे जिर्केलबैक के मुताबिक जलवायु परिवर्तन का सीधा असर सरीसृपों पर पड़ रहा है। जिस वजह से लिंग असंतुलन की समस्या पैदा हो रही और ये दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही। वो जिस केंद्र में काम कर रहे उसे 1986 में खोला गया था। हालात इतने बुरे हैं कि उनको चार साल से एक भी नर कछुआ वहां पर नहीं मिला।

तापमान कितना जरूरी?
बेट्टे के मुताबिक फ्लोरिडा में पिछले चार साल से रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही। वहां पर वैज्ञानिक नर कछुओं पर अध्ययन करना चाहते हैं, लेकिन चार साल से नर दिख ही ना रहे। वहीं नेशनल ओशनोग्राफिक एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (एनओएए) के मुताबिक अंडे के बाहर का तापमान ही निर्भर करता है कि उसके अंदर का कछुआ नर होगा या मादा, ऐसे में गर्मी का नियंत्रण में रहना बहुत जरूरी है।

99% कछुए हैं मादा
एनओएए ने अपने अध्ययन में पाया कि अगर अंडों का तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस से नीचे गया तो वो नर होंगे, लेकिन अगर ये 31 डिग्री से ऊपर पहुंचा, तो अंडे से मादा कछुआ निकलेगी। ऑस्ट्रेलिया भी इस तरह की समस्या से परेशान है, जहां पर 99 प्रतिशत कछुए मादा हैं।

खोजा जा रहा समाधान
वहीं मियामी चिड़ियाघर में भी एक कछुओं का अस्पताल है। वहां कछुओं की देखभाल करने वाले मेलिसा रोजलेस रोड्रिगेज ने कहा कि आप इनकी आबादी में बड़ी गिरावट देखने जा रहे हैं, क्योंकि नर कछुए अब कम हो रहे। हालांकि वैज्ञानिक इस समस्या का समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications