कोरोना वायरस: 9 साल के केन्याई लड़के ने बनाई हाथ धोने की मशीन, पुरस्कार से किया गया सम्मानित
केन्या। एक 9 साल के केन्याई लड़के ने कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के लिए लकड़ी से हाथ धोने की मशीन बनाई है। इस मशीन की सहायता से लोग आसानी से हाथ धो सकते हैं। इसमें दोनों ओर लकड़ी के फट्टे लगे हैं। एक फट्टे पर पैर रखने के बाद हाथों पर हैंडवॉश आ जाता है और दूसरे फट्टे पर पैर रखने के बाद पानी आ जाता है। इस आविष्कार के लिए इस लड़के को राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 9 साल के स्टीफन वामुकोटा का कहना है, 'मेरे पास अभी दो मशीन हैं और मैं अभी और बनाना चाहता हूं।' मशीन को इस तरह से बनाया गया है कि कोई भी इसे छुए बिना अपने हाथों को साफ कर सकता है। स्टीफन को मशीन बनाने का आइडिया टेलीविजन देखते वक्त आया था। जिसमें वायरस से बचाव के तरीकों के बारे में बताया जा रहा था। बता दें केन्या में 2000 से ज्यादा कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं, जबकि यहां वायरस से 69 लोगों की मौत हो गई है।
स्टीफन अपने परिवार के साथ पश्चिमी केन्या के बुंगोमा में स्थित मुकवा गांव में रहता है। जहां वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है। उसके पिता जेम्स वामुकोटा को इस बात की चिंता है कि वायरस उनके इलाके तक भी आ सकता है। वहीं मशीन बनाने को लेकर स्टीफन के पिता ने कहा, 'मैं खिड़की का फ्रेंम बनाने के लिए लकड़ी के कुछ टुकड़े लाया था, लेकिन जब एक दिन मैं काम करके घर लौटा तो देखा कि स्टीफन ने मशीन बनाई है। कॉन्सेप्ट उसी का था और मैंने मशीन को फिट करने में उसकी मदद की।'
बिजली से चलने वाले सामान को रिपेयर करने वाले वामुकोटा कहते हैं कि उनका बेटा हमेशा से ही उनका काम सीखना चाहता है। उन्होंने अपने बेटे के इस आविष्कार को लेकर फेसबुक पर पोस्ट किया था और ये देखकर हैरान रह गए कि बहुत सारे लोगों ने उनकी पोस्ट को शेयर किया। स्टीफन उन 68 लोगों में से एक है, जिसे सोमवार को प्रेसीडेंशियल ऑर्डर ऑफ सर्विस, उजालेंडो (पैट्रियोटिक) अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। स्टीफन के पिता के अनुसार, वह (स्टीफन) बड़े होकर इंजीनियर बनना चाहता है और उनके गवर्नर ने उसे स्कॉलरशिप देने का वादा भी किया है।












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