यूक्रेन की सूमी यूनिवर्सिटी में फंसे हैं 600 भारतीय छात्र, खाने-पीने की किल्लत के बीच है मदद का इंतजार
कीव, मार्च 02। भारत सरकार यूक्रेन से भारतीयों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। विदेश मंत्रालय का दावा है कि कीव से 120000 भारतीयों को निकाल भी लिया गया है, लेकिन इस बीच यूक्रेन के ही सूमी शहर में एक यूनिवर्सिटी के अंदर 600 भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। द हिंदू की खबर के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी यूक्रेन के शहर सूमी में स्थित सूमी यूनिवर्सिटी में 600 भारतीय छात्र फंसे हैं और वो भारतीय दूतावास की ओर से मदद की आस लगाए बैठे हैं।

मदद के इंतजार में हैं छात्र
रिपोर्ट के मुताबिक, एक छात्र ने बताया है कि हमें उम्मीद है कि भारत सरकार की ओर से जल्द ही सभी छात्रों को यहां से निकाल लिया जाएगा, क्योंकि रूसी सेना की ओर से लगातार यहां पर गोलीबारी और बमबारी की जा रही है, जिससे कि यह छात्र बहुत अधिक भयभीत हैं। महाराष्ट्र में नागपुर के रहने वाले विराज वाल्डे ने बताया है कि वो इस यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं और सूमी राज्य विश्वद्यालय के किसी भी भारतीय विद्यार्थी को वहां से निकाला नहीं जा सका है। यह विश्वद्यालय रूसी सीमा के काफी निकट है।
15 मार्च से होनी थी फाइनल ईयर की परीक्षा शुरू
विराज वाल्डे ने बताया कि अभी तक भारतीय दूतावास की ओर से ना ही कोई मदद मिली है और ना ही मदद का आश्वासन मिला है और ऐसे में रूसी सेना की ओर से गोलाबारी और बमबारी जारी है। विराज का कहना है कि शहर में पिछले 5 दिनों से लगातार बमबारी हो रही है। उन्होंने कहा कि 15 मार्च से उनकी फाइनल ईयर की परीक्षा शुरू होने वाली थी, इसलिए हम लोग परीक्षा के इंतजार में यहां रह गए। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी की ओर से ही हमें यह कहा गया था कि अगर फाइनल ईयर की परीक्षा देनी है तो इंतजार करना होगा।
सोशल मीडिया पर मदद मांग रहे हैं छात्र
सूमी यूनिवर्सिटी में फंसे भारतीय छात्र सोशल मीडिया पर भी मदद की गुहार लगा रहे हैं। शिवांगिनी भट्टाचार्य नाम की एक छात्रा ने ट्विटर पर एक पोस्ट लिख कहा है कि मैं सूमी स्टेट यूनिवर्सिटी में थर्ड ईयर की छात्रा हूं और हम यूक्रेन के उत्तरपूर्वी हिस्से में फंस गए हैं, हवाई हमले के सायरन बार-बार बज रहे हैं। जरूरी सेवाओं की सप्लाई और ट्रांसपोर्ट की यहां कमी है।
I'm Shivangini Bhattacharyya, a 3rd year student of Sumy State University. We're stuck here in the northeastern part of Ukraine, with air attack sirens going off time and again. There's shortage of supplies and transportation facilities.
— Shivangini Bhattacharyya (@ShivanginiBhat3) February 25, 2022












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