UK-India Week 2018: दो दिनों तक चलने वाली यूके-इंडिया कॉन्क्लेव का आगाज
लंदन। आज से बकिघमशायर में दो दिनों तक चलने वाली यूके-इंडिया लीडरशिप कॉन्क्लेव का आगाज हुआ है। इस कॉन्क्लेव को भारत और यूके बीच रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने और उन्हें और मजबूत करने की दिशा में एक अहम पड़ाव करार दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान द्विपक्षीय संबंधों में नए विचारों और अनुकूलता की तेजी से बढ़ती जरूरत पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान कई खास लोग यहां पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे।

कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
इंडिया इंक के फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव मनोज लाडवा इस वर्ष की कॉन्क्लेव की शुरुआत करेंगे। उन्हें यूके और भारत के बीच व्यापार और राजनीति से जुड़े मसलों का खासा अनुभव है। यूके में भारत के हाई कमिश्नर वाईके सिन्हा कार्यक्रम की शुरुआत में भाषण देंगे। इसके अलावा पूरे दिन कई बिजनेस लीडर्स और राजनेता कई अहम मसलों पर चर्चा करते नजर आएंगे जो दुनिया भर के बिजनेस और राजनीति से जुड़े हैं और इन्हें प्रभावित कर रहे हैं। इसके बाद ब्रिटेन में लिबरल डेमोक्रेट्स के नेता और सांसद सर विंस केबल भारत और यूके के बीच आपसी सहयोग के लिए मौजूद बेहतर अवसरों के बारे में अपने विचार व्यक्त करेंगे।
कॉमनवेल्थ एंटरप्राइज एंड इनवेस्टमेंट काउंसिल से जुड़े लॉर्ड मारलैंड और भारतीय बिजनेसमेन और समाज सेवी सुहैल सेठ भी बहस में हिस्सा लेंगे। इन सबसे अलग नीति आयोग के उपाध्यक्ष और अर्थशास्त्री डॉक्टर राजीव कुमार भारत में मोदी सरकार के चार वर्षों पर प्रतिनिधिमंडल के साथ खास चर्चा करेंगे। डॉक्टर राजीव भारतीय अर्थव्यवस्था का मौजूदा के वर्तमान परिप्रेक्ष्य के अलावा इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि कैसे भारत सरकार की नीतियों और शासन करने के तरीके देश को बदल रहे हैं।












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