इराक में फंसे 40 भारतीय की जान पर खतरा, विदेश मंत्री ने दिया आश्वासन

अगवा हुए लोग जिस कंपनी में ये लोग काम करते थे उस कंपनी के प्रवक्ता ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को बताया है कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं और कुर्दों के शहर इरबिल जा चुके हैं जहां कोई खतरा नहीं है। अधिकारी ने जानकारी दी कि एक दो दिनों में वहां से निकल जाएंगे। वहीं परिवार वाले परेशान हैं। परिवार के कुछ लोगों का कहना है कि सभी सुरक्षित हैं और सरकार के प्रतिनिधि के वहां पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन कुछ घरवाले मानने को तैयार नहीं हैं कि वो सुरक्षित हैं।
बगदाद में हेडक्वॉर्टर वाली अल हूद कंपनी के एक इंजीनियर से मिली जानकारी के मुताबिक सभी भारतीय सुरक्षित हैं। भारतीयों को उत्तर इराक के अरेबियन में शिफ्ट किया गया है। लेकिन इस बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय को कोई जानकारी नहीं है। इराक के मोसुल में जिन 40 भारतीयों को अगवा किया गया है वो सभी मोसुल में एक भारतीय कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे थे।
भारतीयों के अगवा होने के पीछे वहां के सुन्नी चरमपंथी संगठन आ ईएसआईएस का हाथ होने की बात कही जा रही है लेकिन इस संगठन ने अब तक सामने आकर भारतीयों को अगवा करने की जिम्मेदारी नहीं ली है। अखबार की खबर लोगों के इराक में फंसे भारतीयों के जीवन को लेकर शंका पैदा कर रही है तो वहीं केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दावा कर रही है कि सभी 40 लोग महफूज हैं। इराक में बढ़ते संकट का असर भारत पर भी पड़ रहा है. पूरे इराक में करीब 10,000 भारतीयों के फंसे होने की खबर है।
मोसुल और तिकरित शहर पर आतंकी कब्जा जमा चुके हैं. बसरा, नजफ और बगदाद अभी जेहादियों के कब्जे से बाहर है। बसरा, नजफ, बगदाद, मोसुल और तिकरित में भारतीयों की काफी संख्या है। मोसुल में तेल के कई कुएं हैं और ये कुर्द बहुल इलाका है। अपुष्ट खबरों के मुताबिक इस इलाके से मजदूरों को बाहर निकालते वक्त कुर्दिश मिलिशिया पेशमर्गास ने भारतीयों का अपहरण किया।












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