OMG! इस ग्रह पर एक साथ चमकते हैं 3 सूर्य, वैज्ञानिकों ने की आश्चर्यजनक खोज
लास वेगास, 4 अक्टूबर। हमारा ब्रह्मांड रहस्यों से भरा हुआ है, वैज्ञानिकों के सामने रोजाना आर्शचर्य जनक चीजें सामने आती रहती हैं। जैसा कि हम जानते हैं अंतरिक्ष में अनेकों आकाशगंगा हैं, जिनमें कई तरह के ग्रह अपने सूर्य का चक्कर लगा रहे हैं। हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ग्रह की खोज की जिसके एक नहीं बल्कि तीन-तीन सूर्य हैं। जी हां, कल्पना कीजिए कि हमारे आसमान में एक साथ तीन सूर्य दिखाई दें तो आपको कैसा लगेगा। हालांकि ऐसा होने पर पृथ्वी पर जीवन की संभावना ना के बराबर हो जाएगी।
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सूर्य की वजह से है पृथ्वी पर जीवन
गौरतलब है कि पृथ्वी पर जीवन सूर्य की वजह से ही है, अगर यह न हो तो पृथ्वी इतनी ठंडी हो जाएगी कि यहां जीवन संभव ही नहीं हो सकता। इसके अलावा अगर हमारे पार 3 सूर्य होते तो पृथ्वी भी आग का गोला होती। हमारे सौर मंडल में सूर्य सबको ईंधन देता है, और पृथ्वी रहने योग्य क्षेत्र में जीवन का संचार करने के लिए एकदम सही जगह पर है।

तीन सूर्य का चक्कर लगा रहा है ग्रह
आपको जानकर हैरानी होगी कि दूर ब्रह्मांड में एक ग्रह है जिसके पास एक नहीं बल्कि तीन सूर्य हैं। खगोलविदों ने पहली बार एक ऐसे ग्रह की खोज की है जो अपने सिस्टम में तीन तारों की परिक्रमा कर रहा है। पृथ्वी से 1300 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित, ग्रह की पहचान लास वेगास स्थित नेवादा विश्वविद्यालय के खगोलविदों द्वारा GW Ori प्रणाली में की गई है।

आप-पास हो सकते हैं और भी ग्रह
वैज्ञानिकों ने अब तक ग्रहों को या तो एक सूर्य या फिर दो सूर्य का चक्कर काटते देखा था। हालांकि यह वैज्ञानिकों के खोज का पहला चरण है, अभी इस ग्रह के बारे में और जानकारी इकट्ठा किया जाना बाकी है। रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के मासिक नोटिस पत्रिका में प्रकाशित शोध में बताया गया कि खोजी गई आकाशगंगा में और भी ग्रह हो सकते हैं।

टेलिस्कोप की मदद से खोजा गया ग्रह
वैज्ञानिकों के मुताबिक यह अब तक का खोजा गया पहला ग्रह है जो तीन सूर्य का चक्कर लगा रहा है। शोधकर्ताओं ने अटाकामा लार्ज मिलिमीटर/सबमिलीमीटर एरे (एएलएमए) टेलिस्कोप की मदद से तीन तारों की परिक्रमा कर रहे धूल के छल्ले का विश्लेषण किया। हालांकि यह ग्रह होने का संकेत होता है लेकिन डेटा का अध्ययन करते समय उन्हें कुछ अजीब सा नजर आया।

आकार में हमारे बृहस्पति जैसा
प्रमुख लेखक और यूएनएलवी से खगोल विज्ञान में हाल ही में पीएचडी स्नातक जेरेमी स्मॉलवुड ने कहा कि जीडब्ल्यू ओरिएंट के एक व्यापक मॉडल के निर्माण के बाद उन्होंने पाया कि तीन सितारों का चक्कर लगाने वाली चीज बृहस्पति ग्रह की तरह है। स्मॉलवुड ने कहा, यह वास्तव में रोमांचक है क्योंकि यह ग्रह निर्माण के सिद्धांत को वास्तव में मजबूत बनाता है। इसका मतलब यह हो सकता है कि ग्रह निर्माण हमारे विचार से कहीं अधिक सक्रिय है, जो बहुत अच्छी खबर है।
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