BRICS में शामिल होने की कोशिश में 19 देश, क्या करीबी देशों को जोड़कर और प्रभाव बढ़ाना चाहता है चीन?
BRICS में पांच देश ब्राजील, रूस, इडिया, चाइना और साऊथ अफ्रीका शामिल हैं। इन सभी देशों के नाम के पहले अक्षर से ही BRICS बना है। ब्रिक्स का आयोजन हर साल होता है जिसमें इन पांचों देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होते हैं।

BRICS में शामिल होने के लिए 19 देशों ने इच्छा जाहिर की है। इस वर्ष दक्षिण अफ्रीका के डरबन में 15वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इस बार के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस समूह का विस्तार एक प्रमुख एजेंडा होगा।
ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री 2-3 जून को केपटाउन में मिलेंगे। इस मुलाकात के दौरान ग्रुप के विस्तार को लेकर पहली चर्चा होगी। बता दें कि ब्राजील, रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों ने पहली बार 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ब्रिक ग्रुप की शुरुआत की थी।
पांच साल बाद अप्रैल 2011 में दक्षिण अफ्रीका भी इससे जुड़ गया। ब्रिक्स के लिए दक्षिण अफ्रीका के राजदूत अनिल सुकलाल ने जून की बैठक के एजेंडे के बारे में जानकारी दी है। अमेरिकी मीडिया ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इस बैठक में ब्रिक्स का विस्तार विचार-विमर्श का एक प्रमुख मुद्दा होगा।
सुकलाल ने कहा "13 देशों ने ब्रिक्स में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से अर्जी दी है। उनके अलावा 6 अन्य देशों ने ब्रिक्स में शामिल होने की मौखिक इच्छा जताई है। हमें लगभग रोजमर्रा के स्तर पर ब्रिक्स में शामिल इच्छुक देशों की अर्जियां मिल रही हैं।"
आपको बता दें कि ब्रिक्स के विस्तार की प्रक्रिया पिछले साल चीन ने शुरू की थी। चीन ने पिछले बिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था संयुक्त राष्ट्र में विकसित देशों के प्रभुत्व का मुकाबला करने के लिए कूटनीतिक ताकत बनाने की कोशिश कर रही है।
ऐसा में ब्रिक्स के प्रस्तावित विस्तार से इस समूह में बाकी देशों को परेशानी हो सकती है। अन्य सदस्यों को ये चिंता हो सकती है कि ग्रुप में उनका प्रभाव कम हो जाएगा अगर चीन अपने करीबी देशों को ग्रुप का हिस्सा बनाता है। रिपोर्ट के मुताबिक ये संकेत मिल रहे हैं कि भारत ब्रिक्स के विस्तार की योजना को लेकर बहुत उत्साहित नहीं है।
विश्लेषकों के मुताबिक ब्रिक्स के अंदर चीन का कद पहले ही बहुत बढ़ चुका है। चीन की अर्थव्यवस्था का आकार बाकी चार सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं के साझा आकार के दोगुने से अधिक है।
हाल ही में सऊदी अरब और ईरान ने ब्रिक्स में शामिल होने की इच्छा जताई थी। इसके अलावा अर्जेंटीना, संयुक्त अरब अमीरात, अल्जीरिया, मिस्र, बहरीन और इंडोनेशिया आदि ने ग्रुप से जुड़ने की बात कही है।












Click it and Unblock the Notifications