यहां एक साथ 50 लाख लोग रहेंगे, 'मैसाचुसेट्स' के आकार की होगी बिल्डिंग, जानें कितनी होगी इसकी ऊंचाई ?
मिरर लाइन प्रोजेक्ट एक रेगिस्तानी शहर निओम का हिस्सा होगी। इस प्रोजेक्ट के तहत इसमें दो 1600 फीट ऊंची दो इमारतें होंगी जो रेगिस्तान में एक दूसरे समांतर होंगी।
रियाद, 25 जुलाई : सऊदी अरब 800 अरब पाउंड (766 अरब रुपए) की लागत से एक साइडवे स्काईस्क्रैपर बनाने की योजना बना रहा है। खबरों को मुताबिक, यह इमारत करीब 120 किलोमीटर लंबी होगी। सऊदी अरब का दावा है कि, बनने वाली 120 किलोमीटर लंबी इमारत करीब 50 लाख लोग आराम से रह सकेंगे। इस प्रोजेक्ट को 'मिरर लाइन' नाम दिया गया है। वह इसलिए क्योंकि इसके निर्माण में मिरर का इस्तेमाल किया जाएगा।

सऊदी क्राउन प्रिंस की महत्वकांक्षी परियोजना
खबरों को मुताबिक सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने जनवरी 2021 में इस विशालकाय इमारत को लेकर अपनी योजनाओं का खुलासा किया था। साथ ही मिस्र के पिरामिड की तर्ज पर सऊदी अरब के अपने पिरामिड्स के निर्माण के उद्देश्य के बारे में भी बताया था। लेकिन योजनाकार इस प्रोजेक्ट की लागत पर सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या लोगों को महामारी के बाद एक सीमित स्थान में रहने के लिए तैयार किया जाएगा। कहा तो यह जा रहा है कि, साइडवे स्काईस्क्रैपर मिरर लाइन का आकार लगभग मैसाचुसेट्स के बराबर होगा और यह एम्पायर स्टेट बिल्डिंग से भी लंबा होगा।

50 साल में तैयार हो जाएगी इमारत
खबर के मुताबिक, मिरर लाइन प्रोजेक्ट एक रेगिस्तानी शहर निओम का हिस्सा होगी। इस प्रोजेक्ट के तहत इसमें दो 1600 फीट ऊंची दो इमारतें होंगी जो रेगिस्तान में एक दूसरे समांतर होंगी। प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि, इस महत्वकांक्षी परियोजना को पूरा होने में 50 साल का वक्त लग जाएगा।

रेगिस्तान में आरामदायक इमारत
इस प्रोजेक्ट के तहत बनने वाली बिल्डिंग की लंबाई को लेकर इंजीनियरों ने कहा कि, पृथ्वी की वक्रता को ध्यान में रखते हुए स्ट्रटस की जरूरत होगी। यहां रहने वाले लोगों को विभिन्न तरह की सुविधाएं भी दी जाएंगी। बनने वाली विशालकाय बिल्डिंग में इसकी अपनी हाई-स्पीड रेलवे लाइन भी होगी। इस प्रोजेक्ट के तहत बनने वाली बिल्डिंग को देश के पश्चिम में अकाबा की खाड़ी से एक पर्वत श्रृंखला से होते हुए रेगिस्तान से निकाला जाएगा।

120 किलोमीटर की इमारत में रेलवे और खेत होंगे
यहां आपको सारी सुविधाएं मिलेंगी। खास बात यह है कि, इस इमारत के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में 20 मिनट का समय लगेगा। इसे रिन्यूएबल ऊर्जा से संचालित किया जाएगा। इसमें कई किलोमीटर तक की हरियाली के साथ-साथ खेत और घर भी होंगे। यहां की खेती से 50 लाख लोगों को भोजन मिलने का दावा किया जा रहा है। यहां रहने वाले लोगों को तीन वक्त के खाने के लिए इमारत का सब्सक्रिप्शन लेना होगा। प्रिंस एमबीएस ने कहा कि इमारत कार्बन न्यूट्रल होगी और इसका अपना स्टेडियम जमीन से 1,000 फीट ऊपर होगा।












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