चीन में हर दिन 10 लाख कोरोना के नए मामले, 5 हजार मौत! मगर दुनिया को कैसे बर्गला रहा है चीन
चीन में कोरोना को लेकर कड़े नियम हैं। चीन उन्हें ही कोरोना से होने वाली मौत मान रहा है जिसमें मरने वाले के फेफड़े कोरोना संक्रमण से प्रभावित हुए हों।

Image: PTI
दुनिया में एक बार फिर तेजी से कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ रहा है। तीन साल पहले चीन में इसकी शुरुआत हुई थी लेकिन अब ये जिस रफ्तार से फैल रहा है वह पहले कभी नहीं देखा गया था। चीन में फैल रहा ये कोरोना का वैरिएंट BF.7 है जो कि दुनिया के बाकी देशों में भी तेजी से फैल रहा है। इस नए वैरिएंट ने चीन की रफ्तार को थाम दिया है। कई रिपोर्टों के मुताबिक अगर इस पर लगाम नहीं लगा तो यह अगले कुछ महीने में चीन में तबाही ला देगा।

हर दिन आ रहे कोरोना के 10 लाख मामले
हालांकि चीन में अभी के हाल भी उतने ही बुरे हैं। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक चीन में रोजाना करीब 10 लाख कोविड मामले सामने आ रहे हैं। इसी रिपोर्ट पर यकीन करें तो चीन में बीते 24 घंटों में 5 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है। ब्लूमबर्ग की इस रिपोर्ट में लंदन स्थित एक एनाटिक्सि फर्म एयरफिनिटी लिमिटेड के आंकड़ों का हवाला दिया गया है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जीरो कोविड नीति को हटाने के बाद से ही चीन में यह तबाही फैली है।

मार्च में कोरोना के 42 लाख मामले रोज!
इस रिपोर्ट पर यकीन करने की वजह ये है कि लोगों के भयंकर विरोध के बाद चीनी सरकार ने जीरो कोविड नीति में ढील दी थी। इसके बाद लोगों ने कोरोना को हल्के में ले लिया। दुकानों और सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ लगनी शुरू हो गई। इसकी वजह से कुछ ही दिनों में कोरोना की रफ्तार में तेजी आने लगी। रिपोर्ट के मुताबिक चीन में नए साल पर कोरोना की संख्या 37 लाख तक हो सकती है। वहीं, मार्च तक कोरोना के आंकड़ें 42 लाख तक पहुंच सकते हैं।

अमेरिका साइंटिस्ट ने किया चौंकाने वाला दावा
अमेरिकी साइंटिस्ट और महामारी विशेषज्ञ एरिक फेगल-डिंग ने चीन को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उनके मुताबिक चीन में अगले 90 दिनों में लगभग 60 फीसदी आबादी कोरोना से संक्रमित हो जाएगी। डिंग ने यह भी दावा किया है कि अगले 3 महीने में कोरोना से करीब 10 लाख लोग मारे जाएंगे। इससे पहले अमेरिकी साइंटिस्ट डिंग ने ट्विटर पर चीन के कई वीडियो साझा किए हैं जो शी जिनपिंग के देश की हकीकत को बयां कर रहे हैं। इन वीडियो में अस्पतालों, श्मशानों और मेडिकल स्टोर्स की चिंताजनक हालात दिखाई दे रहे हैं।

WHO ने भी की आलोचना
एरिक फेगल-डिंग ने इस स्थिति का जिम्मेदार चीन की कम्युनिष्ट सरकार को ही बताया है। आश्चर्यजनक ये है कि चीन यह मान ही नहीं रहा कि उसके यहां कोरोना के इतने मामले आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस बारे में कहा है कि चीन में कोरोना की नई लहर के कारण वहां के अस्पताल भरते जा रहे हैं, लेकिन चीन की ओर से सटीक जानकारी नहीं दी जा रही जिससे वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी मिले। भले ही चीन में श्मशान घर शवों से भरे हुए हैं मगर चीन यह नहीं मान रहा कि बुधवार को उसके यहां एक भी मौत कोरोना से हुई है।

गणना का तरीका बदला
भले ही दुनिया चीन में कोरोना वायरस को लेकर अपनी चिंता जताए लेकिन ड्रैगन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग की मानें तो बुधवार को चीन में महज 3000 नए मामले आए हैं, और एक भी मौत कोरोना से नहीं हुई है। दरअसल चीन ने कोरोना की गणना का तरीका ही बदल दिया है। सरकार ने अपने जन-परीक्षण बूथों को बंद कर दिया है और हर संक्रमण को अपने दैनिक टैली में शामिल करने के प्रयासों को समाप्त कर दिया है।

दुनिया को गुमराह कर रहा चीन
विश्व स्वास्थ्य संगठन उन मौतों को भी शामिल करता है जो सीधे तौर पर भले कोरोना के संक्रमण के कारण नहीं हुई है लेकिन उन पर कोरोना के संक्रमण का अप्रत्यक्ष असर पड़ा हो। वहीं, चीन में कोरोना को लेकर कड़े नियम हैं। चीन उन्हें ही कोरोना से होने वाली मौत मान रहा है जिसमें मरने वाले के फेफड़े कोरोना संक्रमण से प्रभावित हुए हों। बीते कुछ दिनों से से चीन के इंटरनेट कोरोना के पोस्ट से पटे पड़े हैं। कई ऐसे वीडियो दिख रहे हैं जिसमें अस्पतालों में ही डॉक्टर मरीजों को पीसीआर दे रहे हैं। लेकिन इस तरह के कोई वीडियो या संदेश चीन के सरकारी मीडिया चैनल पर नहीं दिखाए जा रहे हैं।
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