सऊदी अरब में अब बुर्का पहनकर परीक्षा देने पर लगी रोक, लड़कियों का स्कूल यूनीफॉर्म पहनना हुआ जरूरी
ETEC ने आदेश में यह स्पष्ट कर दिया है कि अब से स्कूलों या कॉलेज में उन्हीं लड़कियों की एंट्री होगी जो कॉलेज के यूनिफॉर्म में जाएंगी। नियम के मुताबिक स्कूलों की ये पोशाक सरकार द्वारा तय नियमों के हिसाब से होगी।

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सऊदी अरब में शिक्षा और प्रशिक्षण मूल्यांकन आयोग ने परीक्षा के दौरान लड़कियों के पारंपरिक सऊदी पोशाक अबाया पहनने पर रोक लगा दी है।अबाया एक तरह का फुल बुर्का होता है। यह सऊदी अरब की महिलाओं का पारंपरिक लिबास है। आयोग ने इस बात पर जोर देकर कहा कि छात्राएं अब परीक्षा भवन में अबाया पहनकर नहीं बल्कि स्कूल के यूनिफॉर्म पहनकर जाएं और स्कूल के नियमों का पालन करें। आयोग ने यह भी कहा कि सार्वजनिक शालीनता के तहत ड्रेस के प्रभावी नियमों का पालन करना चाहिए।

यूनिफॉर्म पहनने वाली लड़कियों की ही स्कूल में एंट्री
शिक्षा और प्रशिक्षण मूल्यांकन आयोग (ETEC) ने आदेश में यह स्पष्ट कर दिया है कि अब से स्कूलों या कॉलेज में उन्हीं लड़कियों की एंट्री होगी जो कॉलेज के यूनिफॉर्म में जाएंगी। नियम के मुताबिक स्कूलों की ये पोशाक सरकार द्वारा तय नियमों के हिसाब से होगी और इसके निर्धारण के दौरान यह खास ध्यान रखा जाएगा कि इसे सार्वजनिक जगहों पर पहनने में दिक्कत न हो।

2017 में हुई थी ETEC की स्थापना
बता दें कि ETEC, को पहले शिक्षा मूल्यांकन प्राधिकरण के रूप में जाना जाता था। यह एक सरकारी संगठन है जो कि शिक्षा मंत्रालय के साथ सऊदी अरब में शैक्षिक और प्रशिक्षण प्रणालियों की योजना, मूल्यांकन और मान्यता के लिए जिम्मेदार होता है। सऊदी सरकार ने 2017 में ETEC की स्थापना की थी। पहले यह इंडिपेंडेंट बॉडी थी लेकिन बाद में इसे मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन का हिस्सा बना दिया गया।

एजुकेशन सेंटर को मॉर्डन बनाना चाहते हैं MBS
इस बॉडी की जरूरत इसलिए महसूस हुई, क्योंकि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान एजुकेशन सेक्टर को मॉडर्न बनाना चाहते थे। इसके लिए सरकार ने खासतौर पर ऑर्डर नंबर 120 जारी किया था। सऊदी सरकार के नियमों के मुताबिक, डिक्री 120 के तहत किए जाने वाले आदेश का सख्ती से पालन करना होता है। इसके बाद ETEC कानूनी और आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो गया। यह अब सीधे प्रधानमंत्री यानी कि मोहम्मद बिन सलमान को रिपोर्ट करता है।

सऊदी धार्मिक सहिष्णु बनाने की कोशिश
आपको बतादें कि क्राउन प्रिंस सलमान के आदेश के बाद से सऊदी की स्कूलों में सुधार कार्यक्रम सऊदी अरब में स्कूलों में सुधार कार्यक्रम काफी तेजी के साथ जारी है और सऊदी अरब के स्कूली किताबों के सिलेबस को बदला जा रहा है। सऊदी अरब में स्कूली किताबों से इस्लाम की कई मान्यताओं को बाहर कर दिया गया है, वहीं दूसरे धर्मों को भी सिलेबस में जोड़ दिया गया है। सऊदी अरब की स्कूली किताबों में रामायण, महाभारत और गीता के कई अध्यायों को शामिल किया गया है। वहीं, योग को भी सिलेबस में शामिल किया गया है। इसके साथ ही अब सऊदी में अंग्रेजी की पढ़ाई करना अनिवार्य कर दिया गया है और इंग्लिश में पास होना छात्रों के लिए अनिवार्य है।












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