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MP देवास पुलिस कस्टडी में हुई युवक की मौत, टीआई सस्पेंड, 12 घंटे बाद धरने से उठे परिजन, पटवारी ने की बड़ी मांग

MP News: देवास जिले के सतवास में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने थाने के बाहर धरना प्रदर्शन किया। यह घटना तब हुई जब मुकेश लोंगरे (35) की संदिग्ध हालत में मौत हो गई, जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया था।

परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने युवक की हत्या की है और उनके साथ बर्बरता की। धरने पर बैठे परिजनों की मांग थी कि उनके साथ न्याय किया जाए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।\

Youth dies in Dewas police custody TI suspended Jitu Patwari makes big demand

धरने का यह प्रदर्शन 12 घंटे तक चला और अंततः पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें पूरी की जाएंगी, तब जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, और आज़ाद समाज पार्टी के नेता भी इस धरने में शामिल हुए थे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सरकारी सहायता और परिजनों की मांगें

कन्नौद के एसडीएम प्रवीण प्रजापति ने बताया कि रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से मुकेश के परिजनों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। हालांकि, परिजनों ने अपनी मांगों का पिटारा खोलते हुए 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, आवास, 11 एकड़ जमीन और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। एसडीएम ने कहा कि परिजनों ने सभी मांगों को लिखित में देने के लिए कहा है और उन्हें शासन के पास भेजा जाएगा।

मामला क्या था?

सतवास में रहने वाले मुकेश लोंगरे के खिलाफ 26 दिसंबर को एक महिला ने मारपीट और गाली-गलौज की शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस ने शनिवार दोपहर को उसे हिरासत में लिया। लेकिन कुछ घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई, जिससे परिजनों में आक्रोश फैल गया।

रिश्वत और मारपीट का आरोप

मुकेश के भांजे शिवराम लोंगरे ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि शनिवार शाम 4 बजे दो पुलिसकर्मी मुकेश को उनके सामने लेकर गए थे और उनके साथ मारपीट की। शिवराम के अनुसार, पुलिस ने ASI सिद्धनाथ सिंह बैस से 6 हजार रुपये की रिश्वत भी मांगी। शिवराम ने बताया कि जब वे पैसे लेकर लौटे, तब तक पुलिस मुकेश को मृत अवस्था में अस्पताल ले जा रही थी।

जांच और कार्रवाई

इस घटना के बाद, सतवास थाना प्रभारी आशीष राजपूत को सस्पेंड कर दिया गया है और मामले की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है। एडिशनल एसपी ने कहा कि हर स्तर पर जांच हो रही है और मामले को गाइडलाइन के अनुसार ही निपटाया जाएगा। इसके साथ ही न्यायिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में मुकेश के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

यह मामला अब भी पूरे देवास जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों के द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस विभाग पर दबाव बढ़ा है कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच करें और दोषी पुलिसकर्मियों को सजा दिलवाए।

कांग्रेस ने पुलिस कस्टडी में युवक की मौत के मामले में थाना स्टाफ को बर्खास्त करने की मांग की

देवास जिले के सतवास में पुलिस कस्टडी में युवक मुकेश लोंगरे की मौत के मामले में अब राजनीति भी प्रवेश कर गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा परिजन के धरने में शामिल हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कस्टडी में हुई मौत को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए और घटना को राजनीतिक रंग दे दिया।

जीतू पटवारी का गुस्सा और बर्खास्तगी की मांग

जीतू पटवारी ने मृतक के परिजनों से पूरी तरह समर्थन करते हुए सतवास थाना के पूर्व स्टाफ को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक थाना स्टाफ को बर्खास्त नहीं किया जाता, वह यहां से नहीं उठेंगे। पटवारी ने यह भी चेतावनी दी कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है तो वह जेल में आमरण अनशन करेंगे।

पटवारी ने कहा, "मुझे घटनास्थल देखकर लगता है कि मुकेश की हत्या की गई है। पुलिस का रवैया बहुत दर्द देने वाला है। पूरा थाना सस्पेंड होना चाहिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव को गृहमंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। वह इस पद के लायक नहीं हैं। सरकार को परिवार को एक करोड़ की आर्थिक सहायता देनी चाहिए और बच्चों के पालन-पोषण का इंतजाम करना चाहिए। मैं इस मामले को सदन में भी उठाऊंगा।"

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का बयान

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि यह मामला राहुल गांधी तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी।

वर्मा ने इस मामले में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाया और कहा कि यह घटना बहुत गंभीर है और प्रदेश सरकार को इस पर कठोर कदम उठाने चाहिए।

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