Indore news: स्वच्छता के बाद अब पर्यावरण संरक्षण में इंदौर बनेगा नंबर 1, कार्यशाला में खास प्लान तैयार
इंदौर में पर्यावरण विभाग द्वारा होटल मेरियट में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें पर्यावरण से जुड़े तमाम मुद्दों पर मंथन किया गया.

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प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में पर्यावरण विभाग द्वारा होटल मेरियट में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला सांसद शंकर लालवानी और कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी के विशेष आतिथ्य में आयोजित की गई। इस अवसर पर मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधीक्षण यंत्री डॉ.एम.एल. पटेल, एसजीएसआयटीएस के डायरेक्टर राकेश सक्सेना और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एस.एन. द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। विषयज्ञों ने कहा की, पर्यावरण को बचाने के लिए जरूरी है कि हम सब मिलकर ऊर्जा बचाएं, पानी बचाएं, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करें, सतत् खाद्य प्रणाली को अपनाएं, कूड़े-कचरे को कम करें, हेल्दी लाईफ स्टाईल अपनाएं और ई-वेस्ट को कम करें। यह समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता की अहम जरूरत
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि, आज के वक्त में पर्यावरण के प्रति जागरूकता की अहम जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारी जीवन शैली पर्यावरण के लिए अनुकूल होना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि हम सब मिलकर ऊर्जा को बचाएं, जल संरक्षण के कार्य करें, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करें, सतत खाद्य प्रणाली को अपनाएं, स्वस्थ जीवन शैली बनाएं, स्वच्छता का ध्यान रखें तथा ई-वेस्ट को कम करें। उन्होंने कहा कि, इंदौर में जल संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग घातक
कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने कहा कि, जीवन शैली के जन अभियान के अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने नागरिकों से कहा कि आज जरूरत है कि हम सभी एक साथ आकर लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट को एक अभियान के रूप में आगे बढ़ाएं। यह पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन शैली की दिशा में एक जन आंदोलन बन सकता है। उन्होंने कहा कि एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक से पर्यावरण अव्यवस्थित होता है। अपर्याप्त अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों का भी भारी प्रभाव पड़ता है। पर्यावरण, वन्य जीवन और मानव जीवन के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग सबसे बड़ा खतरा है। यह प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने के लिए जिम्मेवार है, और इनसे निकलने वाले जहरीले रसायन भूजल को आसानी से प्रदूषित कर सकते हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से घातक जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं।
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