Manipur से MP लौटे स्टूडेंट्स, बोले- खाना-पीना सब बंद, नूडल्स खाकर सर्वाइव किया
मणिपुर से लगभग 23 युवा इंदौर पहुंचे है। इन युवाओं का सांसद शंकर लालवानी ने आत्मीय स्वागत कर अगवानी की है.

Recommended Video

इंदौर विमानतल पर मणिपुर से 23 युवा इंदौर पहुंचे। इन युवाओं का सांसद शंकर लालवानी ने आत्मीय स्वागत कर अगवानी की। विमानतल पर व्यवस्थाओं के लिए पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद था। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विशेष प्रयासों से मणिपुर से इन छात्रों को इंदौर लाया गया है। इंदौर विमानतल पहुंचने पर युवाओं का आत्मीय स्वागत किया गया। युवाओं को विशेष रूप से टिकट की व्यवस्था कर अपने-अपने गृह क्षेत्र में भेजा गया। विमानतल पर युवाओं के पेयजल, भोजन और नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। विमानतल पर सांसद शंकर लालवानी के अलावा एडीएम अजयदेव शर्मा, एसडीएम मुनीष सिंह सिकरवार, डिप्टी कलेक्टर विनोद राठौर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
ये युवा लौटे मध्यप्रदेश
जो युवा मणिपुर से इंदौर आये उनमें नंदकिशोर यादव-धार, कामिनी कश्यप-सागर, ओजस मुधराज-खण्डवा, शशिभान तिवारी-खण्डवा, रितिक मिश्रा-सिंगरौली, आलोक कुमार राय-बैतूल, मनोज पाल-शिवपुरी, सुयश पटेल-जबलपुर, हर्ष राव-खण्डवा, करण कुन्ते-इंदौर, शिवम राय-खण्डवा, शिल्पा सोनी-खरगोन, सचिन आर्य-बैतूल, मयंक सिंह-भिंड, हर्षित वर्मा-ग्वालियर, अंश अग्निहोत्री-ग्वालियर, निखिल सिंह-सतना, बालकिशन वाजपेयी-मुरैना, चेतन प्यासी-पन्ना, डॉ. फौजिया मुलतानी-इंदौर, शुभम गौड़-भोपाल, सुजल बिसानी-नीमच और अक्षय गुप्ता-इंदौर शामिल हैं। इंदौर पहुंचे युवाओं ने सकुशल वापसी तथा उनकी वापसी के लिए की गई व्यवस्थाओं हेतु मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है।
स्टूडेंट्स ने सुनाई आपबीती
इंदौर की रहने वाली स्टूडेंट ने बताया की, इंफाल में पीजी कर रही है। वहां बहुत बुरे हालात थे। हम लोग सो नहीं पाए थे। बंदूकों की आवाज आती रहती थी। खाना-पीना बंद हो गया था। नूडल्स खाकर सर्वाइव किया। फ्लाइट के टिकट भी बहुत ज्यादा महंगे हो गए थे, जिन्हें अफोर्ड कर पाना मुश्किल था। इसलिए सरकार से ही मदद का इंतजार कर रहे थे। इधर, मणिपुर से आए स्टूडेंट्स के पेरेंट्स बेहद खुश नजर आ रहे है, जिसके पीछे की वजह उनके बच्चों का सकुशल घर लौटना था। बता दें मणिपुर में बहुसंख्यक मेइती समुदाय द्वारा उसे अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर हुई जातीय हिंसा में कम से कम 60 लोग मारे गए हैं। करीब 231 लोग घायल हुए हैं, और हजारों अन्य विस्थापित हो गए हैं।
ये भी पढ़े- Khargone bus accident से लिया सबक, चेन्नई के एक्सपर्ट्स ने की आए दिन हो रही दुर्घटनाओं की जांच












Click it and Unblock the Notifications