Khargone bus accident से लिया सबक, चेन्नई के एक्सपर्ट्स ने की आए दिन हो रही दुर्घटनाओं की जांच
Khargone bus accident के बाद खरगोन जिला प्रशासन ने डोंगरगांव के पास हुई दर्दनाक बस दुर्घटना के कारणों और रोड़ सुधार के प्रयास प्रारम्भ कर दिए हैं।

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खरगोन जिला प्रशासन ने मंगलवार को डोंगरगांव के पास हुई दर्दनाक बस दुर्घटना के कारणों और रोड़ सुधार के प्रयास प्रारम्भ कर दिए हैं। बुधवार को कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा और एसपी धर्मवीर सिंह सहित भोपाल से पुलिस ट्रैफिक ट्रैनिंग एंड रिसर्च संस्थान के एआईजी मनोज कुमार राय तथा उत्कृष्ठ सड़क सुरक्षा केंद्र चेन्नई के सैकत और अमित घटना स्थल पर पहुँचे। इस दौरान कलेक्टर वर्मा और एसपी सिंह ने घटना के बाद के हालातों और रोड़ सुधार तथा पूर्व में हुई अलग-अलग दुर्घटनाओं के संबंध में दलों को जानकारी दी।घटनास्थल पर जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
तुरंत की जाए व्यवस्था
दुर्घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित रूप से अपनी कार्रवाई प्रारम्भ करते हुए चेन्नई के उत्कृष्ट सड़क सुरक्षा केंद्र से संपर्क कर विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया। टीम बुधवार को 11 बजे पहुँचकर अपना काम प्रारम्भ कर दिया है। एसपी सिंह ने कहा कि, चेन्नई और भोपाल से आये विशेषज्ञों के साथ ग्रामीण व पीडब्ल्यूडी, यातायात तथा रेवेन्यू का दल पूरे मार्ग का अवलोकन कर सुझाव देंगे। विशेषज्ञ ग्रामीणों के साथ मिलकर जिन स्थानों पर आवश्यकता है। वहां संकेतक, गति अवरोधक, रम्बल स्ट्रिप तथा तात्कालिक रूप से मोड़ को चौड़ा या सुधार का कार्य किया जाएगा। ग्रामीणों के सुझाव व भूमि की आवश्यकता होने पर मोड़ को सीधा प्रयास करने का कार्य भी किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा जो सुझाव दिए जाएंगे। उस आधार पर तत्काल भी और जल्द पूरा काम किया जाएगा।
कलेक्टर ने ग्रामीणों का जताया आभार
घटना स्थल पर अधिकारियों के पहुँचते ही ग्रामीण भी बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए थे। इस दौरान कलेक्टर श्री वर्मा ने उन्हें फोन करने वाले व्यक्ति को ढूंढा और उनके कंधे पर हाथ रखकर शाबाशी दी। कलेक्टर ने कहा कि, हादसे के दौरान जिन्होंने ने भी सूझबूझ दिखाते हुए बस से घायलों को निकाला वो काबिले तारीफ है। वास्तव में ग्रामीणों ने ऐसी दुखद घटना में मानवता का कार्य किया। जिला प्रशासन आभारी है। घटना के बाद राहुल पाटीदार और श्याम पाटीदार ने कलेक्टर वर्मा और एसडीएम ओएन सिंह को कॉल कर सूचित किया था।
टायरों का प्रेसर स्टेयरिंग सहित बस की जांच
चेन्नई और भोपाल से आये विशेषज्ञों के दल ने आने के बाद अपना काम शुरू किया। सबसे पहले दलों ने पुल लंबाई और चौड़ाई तथा जुड़ने वाले मार्ग व रैलिंग की बनावट को समझा। इसके बाद पुल की ऊंचाई व नीचे गिरी बस के हर एक हिस्से का नाप व जांच की जिसमें टायरों के प्रेसर से लेकर बस की लंबाई, ऊंचाई, स्टेयरिंग बोनट आदि को बारिकी से देखकर आंकलन किया। दलों को मार्ग की डीपीआर भी प्रदान की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों के साथ अमले और दलों ने मार्ग का अवलोकन किया।
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