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राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़: ग्वालियर में बिल्डिंग मालिक हिरासत में, जले बैग की फोरेंसिक जांच से खुले

Indore News: इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की गूंज थमने का नाम नहीं ले रही है। इस जघन्य अपराध की परतें खुलती जा रही हैं और अब यह हत्याकांड सिर्फ एक प्रेम-त्रिकोण तक सीमित नहीं दिख रहा। सोमवार को ग्वालियर के गांधीनगर इलाके से लोकेंद्र तोमर की गिरफ्तारी ने मामले को और उलझा दिया है। यह वही व्यक्ति है जो उस बिल्डिंग का मालिक है, जहां हत्या के बाद मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने शरण ली थी।

इसके साथ ही मेघालय पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और इंदौर की फोरेंसिक टीम ने एक जले हुए बैग के अवशेष भी बरामद किए हैं, जिसकी जांच ने मामले में नया मोड़ ला दिया है।

Sonam Raja Raghuvanshi case Building owner in Gwalior detained forensic examination of bag

ग्वालियर में हिरासत: साजिश की बड़ी कड़ी?

ग्वालियर के एमके प्लाजा स्थित 105 नंबर फ्लैट से सोमवार को सादे कपड़ों में आए अधिकारियों ने लोकेंद्र तोमर को हिरासत में लिया। यह वही अपार्टमेंट है जहां सोनम घटना के बाद रुकी थी। पुलिस को शक है कि लोकेंद्र ने न सिर्फ सोनम को छिपने में मदद की, बल्कि हत्या से जुड़े सबूतों को मिटाने में भी भूमिका निभाई।

पूछताछ में सामने आया कि सोनम का काला बैग, जिसमें मोबाइल, गहने, नकदी और संभवतः देसी पिस्टल थी, उसे जलाने का दबाव लोकेंद्र ने ही प्रॉपर्टी डीलर शिलोम जेम्स पर डाला था।

फ्लैट से मैदान तक: जले बैग का सफर
शिलोम ने स्वीकार किया कि उसने सोनम का बैग बल्लू अहिरवार नामक गार्ड को सौंपा, जिसने उसे निपानिया के एक खुले मैदान में जलाया। 22 जून को पुलिस और FSL टीम ने इस स्थान से जले हुए बैग के अवशेष बरामद किए, जिन्हें अब लैब में भेजा गया है।

जांच अधिकारियों को शक है कि बैग में मौजूद साक्ष्य हत्याकांड की योजना और उसे अंजाम देने वालों की मंशा को उजागर कर सकते हैं।

हत्या की पटकथा: एक योजनाबद्ध अपराध
राजा और सोनम की शादी 11 मई को हुई थी, और 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए। 23 मई को दोनों लापता हो गए। 2 जून को राजा का शव एक खाई में पड़ा मिला। पुलिस ने पुष्टि की कि यह एक सोची-समझी हत्या थी जिसमें सोनम और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह ने मिलकर योजना बनाई थी।

हत्या के लिए सोनम ने तीन अन्य युवकों-विशाल, आकाश और आनंद-की मदद ली। तीनों ने बारी-बारी से चाकू से वार किया और राजा को खाई में फेंक दिया। हत्या के बाद सोनम 25 मई को इंदौर लौटी और उसी बिल्डिंग में रुकी, जिसका मालिक लोकेंद्र है।

शिलोम और बल्लू की भूमिका: सबूत मिटाने की साजिश

  • शिलोम जेम्स ने जांच में बताया कि लोकेंद्र ने बैग को हटाने और जलाने का निर्देश दिया था। बल्लू अहिरवार, जिसने बैग को जलाया, को अशोकनगर से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर शिलॉन्ग भेजा गया है।
  • CCTV फुटेज, मोबाइल चैट, और घटनास्थल से मिले अवशेष इस पूरे नेटवर्क की परतें खोल रहे हैं।

परिवार का दर्द, सोशल मीडिया पर उबाल

राजा के परिवार ने इस हत्याकांड को "सुनियोजित और राक्षसी" बताया है। उनके भाई विपिन ने CBI जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि जांच में कुछ पहलुओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। सोनम के परिवार ने हालांकि अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया, लेकिन उसके पिता ने पहले यह जरूर कहा था कि "मेरी बेटी ऐसा नहीं कर सकती", जो अब सामने आए तथ्यों के चलते संदिग्ध लगता है। सोशल मीडिया पर इस हत्याकांड को लेकर जबरदस्त गुस्सा है। कई यूजर्स ने सोनम और उसके साथियों को फांसी देने की मांग की है।

जांच में बाधा बना मौसम

मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जांच में अड़चनें डाली हैं। SIT की टीम को ग्वालियर, इंदौर और अशोकनगर में लोकेशन ट्रैक करने में कई बार दिक्कतें आईं। इसके बावजूद, अधिकारियों की सतर्कता और समन्वय से जांच में कोई ढिलाई नहीं आने दी गई।

क्या है आगे?

  • लोकेंद्र से पूछताछ: SIT की पूछताछ में पता चलेगा कि क्या लोकेंद्र सिर्फ साक्ष्य मिटाने में शामिल था या हत्या की योजना में भी उसकी भूमिका थी।
  • फोरेंसिक रिपोर्ट: जले बैग के अवशेषों से पता चलेगा कि क्या-क्या सबूत जलाए गए।
  • डिजिटल साक्ष्य: सोनम और उसके साथियों की चैट, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा से साजिश की पूरी परत खुलने की उम्मीद है।

न्याय की उम्मीद

राजा रघुवंशी हत्याकांड अब केवल एक पारिवारिक या प्रेम प्रसंग से जुड़ी वारदात नहीं रह गई है। यह मामला एक बड़ी आपराधिक साजिश, साक्ष्य मिटाने की कोशिश और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत का संकेत देता है। अब सबकी निगाहें मेघालय पुलिस और फोरेंसिक रिपोर्ट पर हैं, जिससे यह तय होगा कि इस भयावह अपराध की सच्चाई कब और कैसे पूरी तरह सामने आएगी।

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