Indore News: बकायेदारों से MPEB वसूल रही बिजली बिल, इनके कटेंगे कनेक्शन
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह के आदेशानुसार इन्दौर, उज्जैन , देवास, धार, रतलाम, शाजापुर सहित सभी 15 जिलों में से पुराने बकायादारों के खिलाफ कार्यवाही व बिल राशि वसूली का महा अभियान चलाया जा रहा है। शत-प्रतिशत पुराने बकायादारों से वित्तीय वर्ष के अंतिम माह मार्च के दौरान सम्पर्क कर राशि वसूली की जा रही है।
रविवार को इंदौर जिले के 64 जोन वितरण केन्द्र सहित कम्पनी क्षेत्र के 400 से ज्यादा जोन, वितरण केन्द्र के तहत बकाया वसूली के लिए 4500 कार्मिकों द्वारा अभियान चलाया गया। इस दौरान जप्ती व कुर्की की कार्रवाई भी गई।

कम्पनी प्रबंधन के लक्ष्य के अनुसार सिंचाई, घरेलू , गैर घरेलू इत्यादि बिलों की शत-प्रतिशत वसूली की जाना है। इसके अलावा घरेलू, गैर घरेलू, औद्योगिक उपभोक्ताओं के भी पुराने बिजली बिलों की अभियान चलाकर वसूली की जा रही है। मार्च के शेष 8 दिनों में कम्पनी का लक्ष्य है कि पुराने बकाया बिलों संबंधित उपभोक्ताओं से कम से कम 200 करोड़ रु. का राजस्व संग्रहण किया जाए। इसी के लिए सघन अभियान संचालित किया जा रहा है।
पिछले एक सप्ताह में ट्रैक्टर, बाइक समेत 300 वाहन जब्त किए गए हैं। प्रतिदिन कंपनी क्षेत्र में 5 हजार से ज्यादा कनेक्शन काटे जा रहे हैं। विद्युत वितरण कम्पनी ने एक बार फिर बकायादारों से बिजली बिल राशि जमा कर अप्रिय कार्यवाही से बचने का अनुरोध किया है।
अवैध कॉलोनी में मिलेंगे बिजली कनेक्शन
मध्यप्रदेश में घोषित एवं अघोषित अवैध कॉलोनियों को स्थाई विद्युत कनेक्शन प्रदान करवाने के लिए सुगम विद्युत (सुविधा) योजना लागू की गई है। कार्यपालन यंत्री(शहर) मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी देवास ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिये केवल आवेदक या आवेदकों का समूह या रेजिडेंट बेलफेयर सोसाइटी या नगरीय निकाय ही पात्र होंगे।
कॉलोनी के संपूर्ण भार पर आधारित अधोसंरचना की प्राक्कलित राशि का न्यूनतम 25 प्रतिशत भुगतान आवेदन के साथ एकमुश्त देना होगा। शेष राशि का भुगतान किस्तों में कनेक्शन चालू होने के पश्चात मासिक देयकों के साथ योजना के प्रावधान अनुसार किया जा सकेगा। अस्थाई कनेक्शन से स्थाई कनेक्शन में परिवर्तित होने से गुणवतापूर्ण विद्युत प्रदाय होगा। साथ ही समान खपत होने पर विद्युत बिल की राशि में भी कमी होगी।
उन्होंने बताया कि, अधोसंरचना का निर्माण विद्युत वितरण कंपनी के नियम एवं प्रचलित शेडूयल ऑफ रेट्स के अनुसार किया जावेगा, जिन आवेदकों/परिसरों के विरूद्ध कोई अन्य बकाया राशि/विद्युत चोरी के प्रकरण लंबित हैं वे प्रकरण निराकृत होने तक योजना अंतर्गत पात्र नहीं होंगे। न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों में योजनांतर्गत लाभ दिए जाने से पहले आवेदक द्वारा प्रकरण न्यायालय से वापस लिया जाना अनिवार्य होगा। योजनावधि में प्राप्त होने वाले आवेदन ही योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे।
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