Online ठगी करने वाले बदमाशों के खिलाफ एक्शन, अपराध का तरीका देख पुलिस चौंकी
Digital Arrest के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम देने वाली अन्तर्राज्यीय गैंग के 02 शातिर आरोपी, क्राइम ब्रांच इंदौर की कार्रवाई में धराएं। गैंग के सदस्य कॉल पर स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर Money Laundering के केस में फसाने का झूठ बोलकर ऑनलाइन पैसे प्राप्त कर, वारदात को अंजाम देते थे।
आरोपी गैंग देश के विभिन्न राज्यों में बैठकर करते है ऑनलाइन ठगी। आरोपियों के विरुद्ध जयपुर राजस्थान में गम्भीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध हुआ था।

ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायतों पर इंदौर पुलिस द्वारा लगातर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जून वर्ष 2024 में प्राप्त ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायतों में, क्राइम ब्रांच इंदौर ने कार्रवाई कर, करीब 01 करोड़ 4 लाख से अधिक रुपए सकुशल करवाए आवेदकों को रिफंड। इंदौर पुलिस द्वारा सायबर पाठशाला अभियान के तहत भी लगातार लोगों को सायबर अपराध से बचने के तरीके बताते हुए किया जा रहा है जागरूक।
लोगों को ठग द्वारा कॉल कर स्वयं को बैंक अधिकारी बताकर क्रेडिट/डेबिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, गिफ्ट वाउचर रिडीम करने एवं एनुअल चार्जेस कम करने का बोलकर की जाने वाली ठगी। लोगों के द्वारा जल्दबाजी एवं विश्वसनीयता की जांच किए बिना ईकॉमर्स वेबसाइट, कोरियर, बैंक एवं वालेट्स कंपनी आदि के फर्जी Customer Care नंबर Google पर सर्च करने पर ठग से संपर्क होने पर की गई ठगी। ठग द्वारा परिचित बनकर झूठी निजी परेशानी बताकर तत्काल मदद ले नाम से फर्जी कॉल एवं सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क करके पैसे की मांग कर करते है ठगी।
ठग द्वारा बैंकिंग व बिजली विभाग के अधिकारी या अन्य किसी भी प्रकार का झूठ बोलकर संपर्क करके लोगो के मोबाइल रिमोटली एसेस हेतु Any desk, Team Viewer, quicksuport आदि ऐप डाउनलोड करवाकर करते है ठगी। फर्जी वेबसाइट, Google फॉर्म, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से लोगों की व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त कर संपर्क करके उनका OTP, Link, UPI पिन दर्ज करवाकर की जाने वाली ठगी।
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