'कमाल है..' चवन्नी दिए बिना घर में लाखों के सामान का लग गया ढेर, फिर इन ग्रेजुएट ठगों की खुली पोल
मध्य प्रदेश के इंदौर में किराये के फ्लैट में रहकर ई-कॉमर्स कंपनियों को ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया हैं। तीन आरोपियों में एक लड़की भी शामिल है। जिन्होंने अपने इस खेल में साबुन की बट्टियों को हथियार बना रखा था।

MP Indore: अगर आप ग्रेजुएट है तो कमाई के लिए क्या करेंगे? बेशक आगे का करियर सोचेंगे या फिर नौकरी की तलाश। लेकिन मध्य प्रदेश के इंदौर में पकड़ा गया गिरोह बंटी-बबली की तर्ज पर यह सब छोड़ ई-कॉमर्स कंपनियों को ठग रहा था। लेकिन अब पोल खुल गई है।

रीवा के बंटी-बबली प्रशांत-मानसी!
देश में तरह-तरह के स्टार्ट अप के बीच ठगों के भी कई अलग तरीके स्टार्ट अप शुरू हो जाते हैं। तस्वीर में नजर आ रहे इन तीन ग्रेजुएट ठगों ने भी कुछ ऐसा ही किया। तीनों एमपी के रीवा-सतना जिले के रहने वाले हैं। इनकी कारगुजारियां ऐसी कि बड़े-बड़े खुद को होशियार समझने वाले भी चकमा खा जाए। आगे बढ़ने के पहले इनका परिचय करा देते हैं। लड़की से चिपककर खड़े शख्स का नाम प्रशांत दुबे और लड़की का नाम मानसी मिश्रा है। चेक शर्ट पहना युवक हर्ष सिंह हैं।

मल्टीस्टोरी बिल्डिंग का ठिकाना बना ठगी का अड्डा
रीवा-सतना जैसे शहर से करीब 700 किमी दूर अपने सपनों को पूरा करने इन लोगों ने इंदौर को चुना। खंडवा रोड पर भावना नगर में एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में फ़्लैट किराये से लिया। आस-पड़ोस के लोगों ने सोचा कि ये पढ़े-लिखे नौजवान कोई जॉब करते है। आजकल वर्क फ्रॉम होम कल्चर है, तो अक्सर फ्लैट में इनको रहता देख कोई यह अनुमान नहीं लगा सका कि ये ठग है।

ये था इनका धंधा
भंवरकुआं टीआई ने शशिकांत चौरसिया ने बताया कि किराये के फ्लैट में रहते हुए तीनों फ्लिपकार्ट, अमेजन, मीशो और मिंत्रा जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों में ऐसा सामान बुक करते थे, जिसे यूजर्स ज्यादा पसंद करते हैं। मोबाइल, लैपटॉप, ट्रॉली बैग, ब्लू टूथ जैसा सामान ज्यादा रहता था। कंपनियों के द्वारा जब डिलीवरी करने वालों का कॉल आता था, तो डिलीवरी के लिए अलर्ट हो जाते थे। हर्ष और मानसी पार्सल कलेक्ट करते थे और प्रशांत डिलीवरी करने वाले लड़के को बातों में उलझाकर फ्लैट के नीचे ले आता था।

सामान निकालकर पार्सल में जादूगर साबुन
प्रशांत बिल्डिंग में नीचे पार्किंग प्लेस पर डिलीवरी बॉय को चिकनी-चुपड़ी बातों में उलझाए रखता था। इस दौरान हर्ष और मानसी पार्सल से कीमती सामान निकालकर उसमें 'जादूगर साबुन' रखकर दोबारा पैक कर देते थे। फिर संबंधित डिलीवरी बॉय को पेमेंट के लिए बहाना बनाते थे, मोबाइल पर ओटीपी नहीं आ रहा है। ख़राब मोबाइल जिसमें नेटवर्क शो नहीं होता था, वह डिलीवरी बॉय को दिखाते थे, ताकि वह भरोसा कर लें कि नेटवर्क इश्यू है।

ग्रजुएट ठगों ने लाखों की लगाई चपत
यह सिलसिला कई कंपनियों के साथ चला। मास्टर माइंड प्रशांत और मानसी ग्रेजुएट है। दोनों में गहरी दोस्ती रही। इन्होने अमीर बनने शॉर्ट कट इस धंधे में हर्ष को भी शामिल किया। अलग-अलग नामों से कई मोबाइल सिम से ऑर्डर बुक करते रहे और कीमती सामान हड़पकर उसे आधी कीमत पर बेच देते थे। कंपनियों के पास जब रिटर्न पार्सल पहुंचे और चेक किया गया, तो उसमें साबुन की बट्टियां मिली। कंपनियों को पहले डिलीवरी बॉय पर शक हुआ। फिर पड़ताल करने के बाद इन ठगों की करतूत पता चली।

फ्लैट से बरामद हुआ लाखों का सामान
भंवरकुआं पुलिस को मिली इन ठगों की शिकायत के बाद जब आरोपियों के फ्लैट पर छापा मारा गया तो ये सभी बेनकाब हो गए। तलाशी में फ्लैट के कमरे में कीमती सामान का ढेर लगा था। पूछताछ में पता चला कि इन आरोपियों ने कुछ महीनों के भीतर लाखों रुपये का ई-कॉमर्स कंपनियों को चूना लगाया है। पुलिस ने कुछ सामान बरामद भी किया है। आधी कीमत पर सामान बेचकर ये लोग अपने महंगे शौक पूरा करते थे.












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