MP Assembly Election 2023: क्या कहते हैं थांदला विधानसभा के चुनावी समीकरण, कौन पड़ेगा किस पर भारी, जानिए?
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की हलचल तेज हो चली है। इस बीच आदिवासी बाहुल्य थांदला विधानसभा में भी चुनावी हलचल देखने मिल रही है। वर्तमान में इस विधानसभा से कांग्रेस के वीरसिंह भूरिया विधायक हैं।
झाबुआ जिले की थांदला विधानसभा आदिवासी और किसान बाहुल्य विधानसभा मानी जाती है। यही कारण है कि, थांदला विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। थांदला विधानसभा निमाड़ अंचल की बेहद चर्चित विधानसभाओं में एक है।

कुछ ऐसा है थांदला विधानसभा का हाल
थांदला विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 2 लाख 60 हजार 335 है। जिसमें से पुरुष मतदाताओं की संख्या 1 लाख 30 हजार 6, महिला मतदाताओं की संख्या 1 लाख 30 हजार 332 और थर्ड जेंडर की संख्या 7 है। थांदला विधानसभा में मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्र है। जिसे मेघनगर के नाम से जाना जाता है। इस एक शहर में कई बड़े उद्योग लगे हुए हैं। थांदला सीट पर कांग्रेस लगातार चुनाव जीत रही है, जिसके चलते अब लंबे समय से थांदला विधानसभा कांग्रेस का गढ़ बनी हुई है। थांदला विधानसभा में अब तक हुए चुनाव में लगभग 8 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है, और बीजेपी सिर्फ दो ही बार अपना खाता खोलने में सफल हुई है।
साल 2018 में आए थे ऐसे परिणाम
थांदला विधानसभा सीट पर साल 2018 में कांग्रेस पार्टी के भूरिया वीरसिंह ने जीत हासिल की थी, जहां उन्हें चुनाव में 95720 वोट हासिल हुए थे। वहीं दूसरे नंबर पर बीजेपी के कालसिंह भाबर रहे थे जिन्हें 64569 वोट प्राप्त हुए थे। साथ ही अन्य को 40840 वोट मिले थे। थांदला में 67 ग्राम पंचायत हैं। थांदला में जनपद पंचायत के 19 वार्ड है, और जिला पंचायत के 3 वार्ड हैं। थांदला विधानसभा एक आदिवासी बाहुल्य इलाका है और यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित है. यह क्षेत्र गुजरात और राजस्थान की सीमा को छूता है और सीमांत होने की वजह से इलाका पिछड़ गया है। सीट पर करीब 2.10 लाख वोटर हैं जिनमें महिला और पुरुष वोटरों की संख्या करीब-करीब बराबर ही है।
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