Indore में आचार संहिता के चलते 10 बजे तक हो सकेंगे गरबे, कांग्रेस MLA ने की 12 बजे तक समय करने की मांग
MP Assembly Election 2023 को लेकर प्रदेश में आचार संहिता लागू हो चुकी है, जहां आचार संहिता के चलते नवरात्रि महोत्सव के दौरान होने वाले गरबों का आयोजन भी रात्रि 10:30 बजे के बाद नहीं हो सकेगा। वहीं इस फैसले को लेकर अब अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही है, जहां राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी फैसले पर पुनर्विचार करने की बात कर रहे हैं।
इधर, कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने भी नवरात्रि महोत्सव के दौरान गरबों का आयोजन रात्रि साढ़े 10 बजे तक बंद करने के फैसले पर पुनर्विचार की बात कही है, जहां शुक्ला ने इसके लिए मालवा की परंपरा का उदाहरण दिया है।

MLA संजय शुक्ला ने कही ये बात
कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने कहा है कि, नवरात्रि उत्सव के दौरान होने वाले गरबे के आयोजन को चुनाव की राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि वह गरबे को परंपरागत रूप से दी जाने वाली रात 12 बजे तक की अनुमति दें। शुक्ला ने कहा कि, चुनाव आयोग के द्वारा लागू की गई चुनाव आचार संहिता में ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक के लिए प्रतिबंध होता है। चुनाव आयोग के द्वारा यह प्रतिबंध खास तौर पर राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन को ध्यान में रखते हुए लगाने का प्रावधान किया गया है । इस स्थिति को जिला प्रशासन को भी समझना चाहिए। इस बारे में आवश्यकता होने पर राज्य निर्वाचन अधिकारी अथवा केंद्रीय निर्वाचन आयोग से भी सलाह मशविरा किया जाना चाहिए।
परंपरा का दिया उदाहरण
विधायक संजय शुक्ला ने कहा कि, नवरात्रि के 9 दिन का पर्व मां की साधना और आराधना का पर्व है। इस दौरान भक्तों के द्वारा गरबे किए जाते हैं। प्रशासन को चाहिए कि, गरबा उत्सव के आयोजन को परंपरागत तरीके से जैसी अनुमति मिलती रही है। इस तरह की अनुमति देने की दिशा में पहल की जाए। शुक्ला ने कहा कि, मालवा में गरबा उत्सव का आयोजन रात को 8 बजे के बाद से शुरू होता है। ऐसे में 10 बजे उसे बंद करने का निर्देश दिया जाएगा तो फिर यह आयोजन पूरी तरह से अव्यवस्थित हो जाएगा।
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