Indore News: नरवाई जलाने वाले किसानों पर एक्शन, इनके खिलाफ हुई FIR
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में फसल अवशेष (नरवाई) जलाने वालों के विरुद्ध कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देशन में सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देशन में बड़ी कार्रवाई करते हुए आज 10 किसानों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अब तक कुल 13 किसानों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। अभियान चलाकर की जा रही इस कार्रवाई में नरवाई जलाने वालों से अर्थ दंड भी वसूला जा रहा है।

यह कार्यवाही आगामी दिनों में भी निरन्तर जारी रहेगी। जिले में कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर कनाडिया क्षेत्र में एक, मल्हारगंज में एक, खुड़ैल में एक, राऊ में 3, डॉ, अम्बेडकर नगर महू में एक, सांवेर में दो तथा देपालपुर में एक, इस तरह कुल 10 एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब तक कुल 13 एफआईआर दर्ज करायी जा चुकी है।
जिले में ग्राम पंचायत मुख्यालय पर कृषि से संबंधित मैदानी अधिकारियों एवं राजस्व विभाग के पटवारियों द्वारा पंचायत सचिवों के साथ समन्वय कर कृषक संवाद कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं तथा किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसानों से किसानों को अवगत कराया जा रहा है।
किसानों से अपील की जा रही है कि, नरवाई न जलाएँ, नरवाई जलाने से पर्यावरण को नुकसान होता है। किसान यदि नरवाई जलाता है तो राज्य शासन के नोटिफिकेशन प्रावधान अनुसार पर्यावरण विभाग द्वारा उक्त अधिसूचना अंतर्गत नरवाई में आग लगाने के विरुद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि दण्ड का प्रावधान निर्धारित किया गया है। ऐसा कोई व्यक्ति/निकाय/कृषक जिसके पास 2 एकड़ तक की भूमि है तो उनको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 2500 रुपये प्रति घटना के मान से आर्थिक दण्ड भरना होगा। जिसके पास 2 से 5 एकड़ तक की भूमि है तो उनको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 5 हजार रुपये प्रति घटना के मान से आर्थिक दण्ड भरना होगा तथा जिसके पास 5 एकड़ से अधिक भूमि है तो उनको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 15 हजार प्रति घटना के मान से आर्थिक दण्ड भरना होगा।
लगातार हो रही कार्रवाई
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में फसलों की कटाई के बाद खेतों में नरवाई (अवशेष) जलाने की घटनाओं पर प्रशासन ने सख़्ती दिखाई है। कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देशन में जिलेभर में नरवाई जलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का सिलसिला प्रारंभ किया गया है।
प्रशासन द्वारा अब तक नरवाई जलाने के 77 मामलों में पंचनामे तैयार किए गए हैं। संबंधित कृषकों के विरुद्ध नियमानुसार अर्थदंड की कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नरवाई जलाने की घटनाओं पर सतत निगरानी रखी जाए तथा दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। नरवाई जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके वैकल्पिक उपयोग के लिए शासन द्वारा विभिन्न योजनाएँ भी चलाई जा रही हैं।
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