इंदौर में डेंगू से कोहराम, लगातार मिल रहे मरीज, 1 दिन में 17 नए केस, स्वास्थ्य विभाग ने चेताया
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में डेंगू की वजह से लोग संकट में हैं। यहां कई इलाकों में डेंगू की बीमारी फैल गई है। कई लोगों की हालत गंभीर है। इंदौर के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएस सेठिया के मुताबिक, जिले में एक दिन में डेंगू के 17 नए मामले सामने आ चुके हैं। वह दिन रविवार का था। उसी दिन मिले नए मरीजों की संख्या साथ ही जिले में डेंगू के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 139 हो गई।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें कर रहीं सर्वे
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि, नए डेंगू के मरीज इंदौर शहर में लगातार मिल रहे हैं। विभाग की टीमें घरों का सर्वे कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि, लोग डेंगू से बचाव के लिए पूरी बांह ढके हुए कपड़े पहनें। अपने घरों के आस-पास व छत पर पानी जमा नहीं होने दें। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। इस वजह से घरों में पानी को ढंककर रखें। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी निगम की टीमों द्वारा जोनल स्तर पर फागिंग मशीनों से धुएं व एंटी लार्वा नाशक दवाओं का छिड़काव भी कराया जा रहा है।

अब तक ढ़ाई हजार से ज्यादा मरीज मिले
एक अधिकारी ने बताया कि, राजधानी भोपाल एवं इंदौर समेत अन्य जिलों में तेजी से डेंगू के मरीजों की पहचान हो रही है। प्रदेश में अब तक 2 हजार से ज्यादा मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इंदौर की एक कॉलोनी के स्थानीय लोगों ने बताया कि, वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के पास लार्वा को खोजकर नष्ट करने वाली टीमें कम हैं। इस वजह से अभी वृहद स्तर पर जांच अभियान नहीं चल पा रहा है। कई लोगों की इस वजह से जान भी जा चुकी है। फिलहाल, शहर का शायद ही ऐसा कोई अस्पताल होगा, जहां डेंगू के मरीज भर्ती होकर इलाजरत न हों। कई मरीजों के परिजनों ने कहा कि, स्वास्थ्य विभाग उन्हीं लोगों में डेंगू मानता है, जिनका एलाइजा टेस्ट हुआ हो, वो भी एमजीएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायलाजी लैब में, रेपिड टेस्ट में जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि होती है। उसे तब तक डेंगू का मरीज नहीं माना जाता, जब तक उसका एलाइज टेस्ट पॉजिटिव न आए।













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