Indore temple accident के बाद नगर निगम ने कसी कमर, कुएं और बावड़ी से हटेगा अतिक्रमण
इंदौर में हुए हादसे के बाद नगर निगम की टीम एक्टिव नजर आ रही है, जहां शहर हित में सुरक्षा की दृष्टि से शहर के कुएं-बावडी को अतिक्रमण से मुक्त करने के संबंध में सीटी बस ऑफिस में महत्वपूर्ण बैठक ली गई।

इंदौर में महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व में आयुक्त प्रतिभा पाल के साथ शहर हित में सुरक्षा की दृष्टि से शहर के कुएं-बावडी को अतिक्रमण से मुक्त करने के संबंध में सीटी बस आफिस में महत्वपूर्ण बैठक ली गई। बैठक में इंदौर नगर पालिक निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले जल स्त्रोतों (कुएं-बावड़ियों) को यदि ढँका गया है, उन पर अवैध निर्माण किया गया है, या फिर इन स्त्रोतों पर कोई सार्वजनिक गतिविधि सम्पन्न होती है, जिनसे कि जानमाल को खतरा उत्पन्न होता हो, ऐसे स्थानों को चिन्हित कर इन्हें जाली लगाकर, मुंडेर निर्मित कर सुरक्षित बनाया जाएगा। तथा इन जल स्त्रोतों पर होने वाले अतिक्रमण को अत्यंत गम्भीरता एवं सख्ती से हटाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही अगले चरण में जर्जर मकानों एवं भवनों को, जिनसे दुर्घटना होने की संभावना हो, उन्हें भी चिन्हांकित कर सख्ती से हटाया जाएगा। अवैध अतिक्रमण को हटाने हेतु गंभीर एवं कठोर कार्रवाई नगर निगम द्वारा तत्काल प्रभाव प्रारम्भ की जाएगी।
महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए
महापौर पुष्यमित्र भार्गव व आयुक्त प्रतिभा पाल ने बताया कि, शहर में निगम के रिकॉर्ड अनुसार 629 जल स्त्रोत व कुऐं-बावडी, तालाब इत्यादि सुचीबद्ध है। महापौर व आयुक्त द्वारा विगत दिवस शहर में हुई दुघर्टना भविष्य में पुनः ना हो इस हेतु शहर में निगम रिकॉर्ड अनुसार 629 जल स्त्रोत की सूची का संबंधित क्षेत्र के भवन अधिकारी व भवन निरीक्षक के माध्यम से मौका मुआयना व सर्वे कराया जा रहा है तथा सर्वे में यह भी जानकारी ली जा रही है कि ऐसे कितने जल स्त्रोत है जिन पर निर्माण या अतिक्रमण किया गया है, ऐसे निर्माण को निगम द्वारा शहर हित व जन सुरक्षा तथा जनहित में हटाने की कार्रवाई का अभियान प्रारंभ करने के निर्देश दिये गये।
कार्रवाई चरणबद्ध की जाएगी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहर के ऐसे कुऐं-बावडी जिन पर धार्मिक स्थल का निर्माण किया गया है, ऐसे धार्मिक स्थल को विधि-विधान से सम्मान अन्यंत्र स्थान पर स्थानांरित कर, जल स्त्रोत व कुऐं-बावडी को अतिक्रमण से मुक्त करने के निर्देश दिये गये। महापौर भार्गव ने कहा कि, विगत दिवस राम नवमी के अवसर पर शहर में जो दुखद घटना हुई है, इसकी पुर्नावृति नही हो, इसके लिये शहर के निगम रिकॉर्ड अनुसार शहर के 629 जल स्त्रोत व कुएं-बावडी है, इनमें किसी भी प्रकार का निर्माण व कव्हर किया गया है तथा उस पर सार्वजनिक गतिविधियां हो रही है, ऐसे स्थानो के जल स्त्रोत को कठोरता के साथ ही बिना किसी संकोच व किसी दबाव के सख्ती से क्लीयर कराकर, कुऐं-बावडी पर जाली लगाना व मुंडेर बनाने का कार्य किया जाएगा। अन्य चरणों में शहर के पुराने क्षेत्र, व्यवस्त्तम बाजार व आदि स्थानो पर जर्जर व खतरनाक निर्माण व मकान को हटाने की कार्रवाई के साथ ही नालों पर किये गये अतिक्रमण, कॉलोनी व बस्ती के प्रवेष मार्ग व पहुंच मार्गो पर किये गये अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई चरणबद्ध की जाएगी।
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