Indore news: शवदाह की हाईटेक मशीन, महज 100 किलो लकड़ी में होगा अंतिम संस्कार
समय के साथ-साथ अब तकनीक में परिवर्तन देखने मिल रहा है, जहां अब यह परिवर्तन जन्म से लेकर मृत्यु तक में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। पर्यावरण बचाने के उद्देश्य से इंदौर में बेहद खास नवाचार किया गया है, जहां प्रदेश में पहली बार एक ऐसे शवदाह गृह को उपयोग में लाने की शुरूआत हुई है, जिसमें शव का अंतिम संस्कार करने में महज 100 किलो लकड़ी लगेगी।
इतना ही नहीं इस शवदाह गृह में हिंदू रिति रिवाजों के साथ शव का अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को पर्यावरण संरक्षण में नंबर वन बनाने की कवायद की जा रही है, जहां इस पहल में मराठी सोशल ग्रुप का यह नवाचार काफी मदद करेगा। संस्था सदस्यों की माने तो अन्य संस्थाओं से भी इस नवाचार को अपनाने की अपील की जाएगी।

100 किलो लड़की में होगा अंतिम संस्कार
शहर के रामबाग मुक्तिधाम पर एक ऐसे शवदाह गृह को उपयोग में लाने की शुरूआत मराठी सोशल ग्रुप की ओर से की गई है, जिसमें शव का अंतिम संस्कार करने में महज 100 किलो लकड़ी लगेगी, सामान्यत: अंतिम संस्कार में 300 किलो लकड़ियों लगती है, जिससे पर्यावरण नुकसान के साथ-साथ शोक संतृप्त परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ता है, जिसे कम करने करने के उद्देश्य से मराठी सोशल ग्रुप की ओर से यह नवाचार किया गया है।
पैसे और पर्यावरण को होगी बचत
मराठी सोशल ग्रुप के सुधीर दांडेकर ने बताया कि, संस्था की ओर से लगाई जाने वाले जत्रा से हुई आय के पैसों से इस मशीन को राम बाग मुक्ति धाम में स्थापित किया गया है। लगभग 5 लाख की लागत से बनी इस मशीन की मदद से शवों का व्यवस्थित अंतिम संस्कार हो सकेगा। साथ ही पैसे और पर्यावरण की बचत होगी। प्रदेश में पहली बार इस तरह की मशीन को यहां स्थापित किया गया है। मशीन बनाने वाले कारीगर ने बताया कि, इंदौर से पहले गुजरात के अलग-अलग स्थानों पर इस मशीन का उपयोग हो चुका है। वहीं अब इंदौर में मशीन को स्थापित किया गया है। इस मशीन की खासियत है की इसमें 80 से 100 किलो लकड़ी से अंतिम संस्कार संपन्न हो जाएगा।
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