MP News: मछली पकड़ने वाले धागे से पतंग उड़ाने पर मिलेगी सजा, क्या है पूरा मामला, जानिए?
खंडवा में मकर संक्रांति के पर्व पर पतंगबाजी का अपना अलग महत्व होता है, जहां पतंगबाजी करने देश और दुनिया से लोग खंडवा पहुंचते हैं। खंडवा में पतंगबाजी बेहद प्राचीन परंपरा है। यही कारण है कि, यहां मकर संक्रांति के पर्व पर पतंगबाजी की जाती है, लेकिन अक्सर पतंग बाजों द्वारा चाइना की डोर का उपयोग किया जाता है, जिससे पशु पक्षियों को नुकसान होने की संभावना अधिक रहती है।
इसे ध्यान में रखते हुए लगातार पिछले कई सालों से मकर संक्रांति के पर्व पर चाइना डोर प्रतिबंधित कर दी जाती है, जहां अबकी बार भी चाइना डोर प्रतिबंधित कर दी गई है।

अपर जिला दण्डाधिकारी के.आर. बडोले ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 (2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए खण्डवा जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में जन सामान्य के हित, जानमाल एवं लोक शांति को बनाये रखने के लिए 13 फरवरी 2024 तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर धारा 188 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। अबकी बार भी चाइना डोर प्रतिबंधित कर दी गई है।
चायना मांजा को किया प्रतिबंधित
अपर जिला दण्डाधिकारी बडोले द्वारा जारी आदेश अनुसार चायना मांजा के धागे को पतंगबाजी में उपयोग करने को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया है। कोई व्यक्ति सामान्य धागे में सरेस, कांच व अन्य धारदार वस्तुओं के मिश्रण से निर्मित धागे का प्रयोग कर पतंगबाजी किये जाने को प्रतिबंधित किया गया है। कोई भी व्यक्ति मछली पकडने के उपयोग में आने वाले पक्के धागे का उपयोग कर पतंगबाजी किये जाने को प्रतिबंधित किया गया है। चायना मांजा धागे के क्रय-विक्रय को भी प्रतिबंधित किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर धारा 188 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
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