Video: लहसुन के भाव ना मिलने से परेशान MP के किसान, नदी में फेंके कट्टे
धार, 25 अगस्त: मध्यप्रदेश में इन दिनों किसानों की हालत बेहद ही खराब नजर आ रही है, जिसके पीछे का कारण लहसुन की कीमतों का न मिलना है। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े लहसुन उत्पादक शहरों में शामिल रतलाम, नीमच और इंदौर जैसी मंडियों में लहसुन के थोक भाव 45 पैसे से 1 रुपए प्रति किलो तक चल रहे हैं। यही कारण है कि, लहसुन की कम कीमत मिलने के कारण अब किसानों में गुस्सा नजर आ रहा है। इतना ही नहीं किसानों ने अब मंडियों में लहसुन लाना भी बंद कर दिया है। वहीं इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें किसान अपनी लहसुन नदी में फेंकते नजर आ रहे हैं। किसान लहसुन के कट्टे नदी में फेंक रहे हैं। वहीं अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इस कारण नहीं मिल रहे भाव
मध्य प्रदेश के किसानों पर इस वक्त एक बड़ा संकट मंडराता नजर आ रहा है, जहां यह संकट लहसुन के अच्छे दाम ना मिल पाने का है। लहसुन की बंपर आवक और कम बिक्री के चलते लहसुन के दाम लगातार गिरते चले जा रहे हैं, जहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों की मंडी में लहसुन के दाम 45 पैसे से 1 रुपए प्रति किलो तक चल रहे हैं। इतना ही नहीं लहसुन के लगातार कब मिल रहे दामों के चलते अब किसानों ने लहसुन मंडी में लाना ही बंद कर दिया है। उधर, मंडियों में खराब और अच्छी लहसुन के अलग-अलग दामों के चलते भी यह हालत बनते नजर आ रहे हैं, जहां न्यूनतम भाव 50 रुपए प्रति क्विंटल तो वहीं अधिकतम भाव 6 हजार प्रति क्विंटल तक रहा।
लहसुन के भाव ना मिल पाने का कारण
विशेषज्ञों की मानें तो मध्यप्रदेश के मालवा अंचल में किसान बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती करते हैं। यही कारण है कि, इस साल लहसुन का बंपर उत्पादन हुआ है। वहीं मौसम खराब होने के चलते लहसुन की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। इसी के चलते इस बार लहसुन के सही दाम नहीं मिल पा रहे हैं। मध्यप्रदेश में लहसुन के सही दाम न मिल पाने की दिक्कत प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बनी हुई है। यही कारण है कि, किसान अब बेहद परेशान नजर आ रहे हैं, जहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों से किसानों के गुस्से की तस्वीर भी निकलकर सामने आ रही है, जो यह बताने के लिए काफी है कि, मध्य प्रदेश में लहसुन के सही दाम न मिलने से किसान परेशान नजर आ रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications