MP News: CM हेल्पलाइन की शिकायत में लापरवाही अफसरों को पड़ेगी भारी, इन पर होगी कार्रवाई
मध्यप्रदेश के इंदौर में सीएम हेल्पलाईन में दर्ज आवेदनों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई होगी। यह बात कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुईं बैठक में कही गई।
कलेक्टर आशीष सिंह ने निर्देश दिये हैं कि, जिले के अधिकारी सीएम हेल्पलाईन के तहत दर्ज प्रकरणों के निराकरण को विशेष प्राथमिकता देवें। प्रतिदिन आवेदन देखें और तत्काल ही निराकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करें।

उन्होंने बताया कि, इंदौर जिले में सीएम हेल्पलाईन के तहत दर्ज प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 50 दिन से अधिक की अवधि के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविर में आवेदकों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनकर उनके ही समक्ष समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
कलेक्टर आशीष सिंह ने निर्देश दिये हैं कि, सीएम हेल्पलाईन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों का समयसीमा में आवेदकों की संतुष्टि के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाये। आवेदनों के निराकरण में लापरवाही और उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी।कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि 50 दिन से अधिक की अवधि के कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहें।
कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा के पत्रों के निराकरण(टीएल) की बैठक में सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह ने सीएम हेल्पलाईन के तहत दर्ज प्रकरणों के निराकरण के लिये चलाये जा रहे अभियान की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि, सभी अधिकारी प्रतिदिन सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों को देखें और उसी दिन निराकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करें। एक भी आवेदन देखने से वंचित नहीं रहे यह विशेष ध्यान रखा जाये। अगर एक भी शिकायत ऐसी मिलती है जिसमें कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है तो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी।
उन्होंने कहा कि, सीएम हेल्पलाईन एक लेवल से दूसरे लेवल में शिकायतें स्थानांतरित नहीं होना चाहिये। अधिकारी अपने स्तर से ही समस्या निराकृत करें। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण में विशेष ध्यान दें। नायब तहसीलदार और तहसीलदार द्वारा निराकृत किये जा रहे आवेदनों की स्वयं समीक्षा करें। अगर नायब तहसीलदार और तहसीलदार द्वारा आवेदनों का समयसीमा में निराकरण नहीं किया जाता है तो संबंधित एसडीएम जवाबदेह रहेंगे। उन्होंने एसडीएम को भी एक-एक आवेदन के परीक्षण के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने समय-सीमा के पत्रों तथा लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों के निराकरण की भी विभागवार समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि, जन समस्याओं संबंधी आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाये।
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