Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP: मिर्च के पौधों ने किसान को बनाया करोड़पति, इस ट्रिक से हुआ बंपर फायदा

मध्यप्रदेश के किसान ने मिर्च पौधों से करोड़ो रूपए कमाए हैं, जहां किसान ने वर्ष 2011 में 1 हजार वर्ग मीटर के क्षेत्र में नर्सरी बनाकर शुरुआत हुई। अब उनकी नर्सरी 13.50 एकड़ में फैल चुकी है।

indore

Recommended Video

    भोपाल: CM का बड़ा बयान, तीन लाख से अधिक करोड रुपए का था इस वर्ष का बजट..

    मध्यप्रदेश के बड़वाह में सब्जी की खेती करने वाले युवा किसान जितेंद्र किसी नर्सरी से सब्जियों की पौध लेकर आये तो उन्हें गुणवत्तापूर्ण और आवश्यकता अनुसार पौध नहीं मिली तो उन्होंने भी किसानों को ऐसे घाटे से बचाने के लिए पूरी लगन और दिल लगाकर नर्सरी की शुरुआत हुई। वर्ष 2011 में 1 हजार वर्ग मीटर के क्षेत्र में नर्सरी बनाकर शुरुआत हुई। अब उनकी नर्सरी 13.50 एकड़ में फैल चुकी है। हालांकि नर्सरी में सब्जी, अर्नामेंट और फलों के भी पौधे तैयार होते है। लेकिन इन दिनों कुछ वर्षों से मिर्च की पौध की मांग बढ़ने से इस पर ज्यादा फोकस होकर काम करने लगे है।

    4 से 5 करोड़ मिर्च की पौध तैयार कर बेची

    4 से 5 करोड़ मिर्च की पौध तैयार कर बेची

    जितेंद्र बताते है कि, पिछले वर्ष उन्होंने 25 मिर्च की किस्मों के 50 किलो बीज की पौध तैयार की थी। इस बार उन्होंने 75 किलो मिर्च के बीज की पौध की तैयारी की है। उन्होंने करीब 4 वर्षाे में 4 से 5 करोड़ मिर्च की पौध तैयार कर बेंची है। उनका कहना है कि एक जिला एक उत्पादन में चिन्हित होने से मिर्च पौध में वृद्धि हुई है। करीब 13 वर्षे में जितेंद्र पटेल ने अपनी नर्सरी को हाइटेक बनाकर अपने व्यावसाय को सिर्फ मप्र में सीमित नही रखा। उनकी नर्सरी की पौध की मांग अब राजस्थान के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र में होने लगी है।

    हाइटेक नर्सरी बनाने की कोशिश

    हाइटेक नर्सरी बनाने की कोशिश

    जितेंद्र अपनी पूरी लगन के साथ नर्सरी के काम मे बढ़ने लगे तो इसे हाइटेक बनाने की इच्छा जागी। ऐसी स्थिति में शासन से उनको पूरा सहयोग मिला। उद्यानिकी विभाग के उप संचालक गिरवाल ने बताया कि, जितेंद्र को सबसे पहले 2013-14 में उद्यानिकी विभाग की बागवानी मिशन में 4000 वर्ग मीटर में 14 लाख 20 हजार के अनुदान पर शेडनेट हॉउस प्रदान किया। इसके बाद वर्ष 2019-20 में राज्य योजना में उनकी पत्नी और उनके भाई के नाम पर अलग-अलग प्रकरण में कुल 7500 वर्ग मीटर में पॉली हॉउस और शेडनेट हॉउस के लिए 28 लाख 37 हजार 920 रुपये का अनुदान मिला। इसके बाद जितेंद्र ने अपनी नर्सरी को हाइटेक बनाने की दिशा में एक से एक सफल प्रयोग कर एक जिला एक उत्पाद की फसल को बढ़ावा देने में योगदान दे रहे है।

    प्रदेश में ऋण स्वीकृति सबसे आगे खरगोन

    प्रदेश में ऋण स्वीकृति सबसे आगे खरगोन

    मप्र शासन द्वारा वर्ष 2021 में जिले में मिर्च के उत्पादन और जलवायु को देखते हुए मिर्च की फसल को एक जिला एक उत्पाद फसल के रूप में चुना। इसके बाद कई योजनाओं से किसानों और युवाओं को इस दिशा में रोजगार और मिर्च का व्यवसाय से जोड़ने के लिए शासन की योजनाओं से उद्योग और इससे जुड़े व्यवसाय की शुरुआत हुई। खरगोन पूरे प्रदेश में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) में प्रकरण स्वीकृत कर कराने के मामले में प्रदेश में सबसे आगे है। यहां अब तक 92 प्रकरणों को स्वीकृति मिली है और 40 को ऋण दिया गया है। साथ ही सबसे अधिक 481 कुल आवेदन प्राप्त कर 468 प्रस्तुत किये गए। खरगोन में मिर्च के पावडर या पेस्ट बनाने के 10 नए खाद्य प्रसंस्करण के उद्योग प्रारंभ हुए हैं।

    ये भी पढ़े- MP: सीजनल इन्फ्लूएंजा को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, आयुक्त ने जारी किए जरूरी दिशा- निर्देश

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+