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MP: भगोरिया का अनूठा रंग, कुछ इस अंदाज में आदिवासियों ने जताया शिवराज सरकार का आभार

भगोरिया मेले में आदिवासी समाजजन अपने हाथों में पोस्टर लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद करते नजर आए हैं, ये धन्यवाद आदिवासियों ने सरकार की जनहितैशी योजनाओं को लेकर दिया है.

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    मध्यप्रदेश में अबकी बार भगोरिया मेला अपने साथ कई अलग-अलग रंग लेकर आया था, जहां भगोरिया मेले में आदिवासी समाजजनों ने परंपरा का जमकर आनंद उठाया, तो वहीं अबकी बार आदिवासी समाजजनों में भगोरिया पर्व और भगोरिया मेले को लेकर अलग उत्साह देखने मिल रहा था। आदिवासी अंचल के झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन जिले में आयोजित भगोरिया मेला देखने दूर-दूर से लोग पहुंचे थे। भगोरिया मेले में अबकी बार आदिवासी समाजजनों ने शिवराज सरकार की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने हाथों में योजनाओं के प्रचार-प्रसार से जुड़े पोस्टर लिए हुए थे।

    कुछ इस अंदाज में आभार व्यक्त किया

    कुछ इस अंदाज में आभार व्यक्त किया

    भगोरिया पर्व पर लगे मेले के दौरान आदिवासी समाज जनों ने अपने हाथों में पोस्टर लेकर शिवराज सरकार की लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान समेत तमाम योजनाओं और अभियानों का प्रचार प्रसार करते हुए आभार व्यक्त किया। बता दें कि शिवराज सरकार मध्यप्रदेश में आदिवासी समाज जनों के लिए कई सारी योजनाएं लेकर आई है। साथ ही प्रदेश की शिवराज सरकार ने महिलाओं और बेटियों के हितों की रक्षा के लिए कई अलग-अलग योजनाएं लाई है। यही कारण है कि, आदिवासी समाज जन भगोरिया मेले में योजनाओं को लेकर सरकार का आभार व्यक्त करते नजर आ रहे हैं।

    आदिवासी संस्कृति के रंग देखने मिलते हैं

    आदिवासी संस्कृति के रंग देखने मिलते हैं

    आदिवासी अंचल में लगने वाला भगोरिया मेला अपनी अनूठी संस्कृति के लिए देश ही नहीं बल्कि दुनियां में मशहूर है। मध्यप्रदेश में ये मेला बढ़वानी, अलीराजपुर, धार, झाबुआ और खरगोन जिलों में लगता है। भगोरिया मेला देखने दूर-दूर से लोग इन इलाकों में पहुंचते हैं। आदिवासी इलाकों में मनाया जाने वाला भगोरिया पर्व पूरे सप्ताह भर चलता है, जिसमें आदिवासी संस्कृति और कला के रंग बिखरते हैं। भगोरिया पर्व होली से पहले मनाया जाता है, जिसमें आदिवासी युवक-युवतियां पारंपरिक पोशाक में सज-धजकर इस मेले में पहुंचते हैं, और ढोल-मांदल बजाते हुए समूह में नाचते-गाते हैं। बदलते वक्त के साथ अब भगोरिया मेले में युवक-युवतियां मॉर्डन पहनावे में भी नजर आते हैं।

    इस तरह मनाया जाता है पर्व

    इस तरह मनाया जाता है पर्व

    आदिवासी इलाकों में मनाया जाने वाला भगोरिया पर्व पूरे सप्ताह भर चलता है, जिसमें आदिवासी संस्कृति और कला के रंग बिखरते हैं।भगोरिया पर्व होली से पहले मनाया जाता है, जिसमें आदिवासी युवक-युवतियां पारंपरिक पोशाक में सज-धजकर इस मेले में पहुंचते हैं, और ढोल-मांदल बजाते हुए समूह में नाचते-गाते हैं। बदलते वक्त के साथ अब भगोरिया मेले में युवक-युवतियां मॉर्डन पहनावे में भी नजर आते हैं। वहीं भगोरिया मेले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध भी पुलिस प्रशासन की ओर से किए गए हैं।

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