इंदौर के अमन पांडे को Google Bugs खोजने पर नहीं मिले ₹ 65 Cr, बग्स मिरर कंपनी ने बताई हकीकत
इंदौर, 17 फरवरी। यह खबर तेजी से वायरल हो रही है कि मध्य प्रदेश के इंदौर के 23 वर्षीय अमन पांडे को गूगल ने बग खोजने पर 65 करोड़ का इनाम दिया है। अमन पांडे ने गूगल की 280 गलतियां खोजकर बग रिपोर्ट भेजी थी।

अमन पांडे सीईओ बग्स मिरर इंदौर
अमन पांडे मूलरूप से झारखंड के रहने वाले हैं और इंदौर में बग्स मिरर नाम से कंपनी चलाते हैं। अमन कंपनी के सीईओ व फाउंडर हैं। इनकी कंपनी 15 के सदस्यों की टीम ने गूगल में बग खोजे हैं।

बग्स मिरर कंपनी ने बताई सच्चाई
Google Bugs खोजने पर 65 करोड़ रुपए के इनाम की यह खबर आधी हकीकत आधी फसाना सरीखी है। वन इंडिया हिंदी से बातचीत में बग्स मिरर कंपनी के असिस्टेंट ऑपरेशन मैनेजर उदय शंकर बताते हैं कि अकेली हमारी कंपनी को 65 करोड़ का इनाम मिलने का फैक्ट सही नहीं है।

शुरुआती पढ़ाई झारखंड से
दरअसल, झारखंड से दसवीं और बारहवीं करने के बाद अमन पांडे ने भोपाल एनआईटी से बीटेक की डिग्री ली। फिर इंदौर चले आए और यहां पर बग्स मिरर नाम की कंपनी की नींव डाली।

तीन साल से खोज रहे बग्स
उदय शंकर बताते हैं कि अमन पांडे की देखरेख में बग्स मिरर टीम ने साल 2017-18 से गूगल की गलतियां खोजने शुरू की। गूगल की कार्यप्रणाली में बग्स ढूंढना कोई आसान काम नहीं है। इसमें कई साल लगातार मेहनत करनी पड़ती है।

सभी शोधकर्ताओं को मिले 65 करोड़
उदय शंकर के अनुसार बग्स खोजने पर पिछले साल के लिए गूगल ने दुनियाभर के हजारों शोधकर्ताओं को 65 करोड़ का इनाम दिया है ना कि अकेली बग्स मिरर कंपनी को। इन 65 करोड़ में से बग्स मिरर को एक करोड़ से अधिक रुपए का इनाम मिला है।
गूगल की विभिन्न सेवाओं में गलतियां
गूगल की विभिन्न सेवाओं में गलतियां खोजने के लिए दुनियाभर से लोग जुटे हुए हैं। पिछले साल इस मामले में इंदौर की बग्स मिरर कंपनी अव्वल रही हैं। बग्स मिरर ने लोकेशन संबंधियां गलतियां खोजकर एक करोड़ से ज्यादा रुपयों का इनाम पाया है।












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