MP : होलकर कालीन इतिहास को जीवंत करेगा अहिल्या स्मृति सदन, स्वामी अवधेशानंद ने किया लोकार्पण

इंदौर, 22 सितंबर : ताई यानि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन इन दिनों एक बार फिर एक्टिव दिखाई दे रही हैं, जहां अब ताई सुमित्रा महाजन का एक स्वप्न साकार हो गया, जिसके तहत शहर को ताई की अगुवाई में अहिल्या स्मृति सदन की सौगात मिली है। जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद महाराज के हाथों इस सदन का लोकार्पण हुआ है। अहिल्या सदन राजबाड़ा के नजदीक यशवंत रोड के उस हिस्से में बना है, जो हरसिध्दि की तरफ जाता है। अहिल्या स्मृति सदन फिलहाल 2 मंजिल बना है। इसी सदन से अहिल्याजी से जुड़ी वर्षभर की गतिविधियां संचालित होगी।

स्वामी अवधेशानंद ने किया सदन का लोकार्पण

स्वामी अवधेशानंद ने किया सदन का लोकार्पण

अहिल्या स्मृति सदन का लोकार्पण जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद महाराज के हाथों हुआ है। इस अवसर पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और सांसद शंकर लालवानी भी मौजूद रहे। ये भवन का वास्तुशिल्प होलकर युगीन भवनों ओर महलों के अनुरूप लिया गया है। लकड़ी का काम अंदर बाहर ज्यादा किया है, और वैसी ही रेलिंग ओर बिल्सीया लगाई गई है, जो देवी अहिल्याजी के जीवन काल का स्मरण कराती है। सदन 2400 स्केवयर फीट पर बना है, और करीब 5 हजार स्केवयर फीट निर्माण किया गया है। अब अहिल्या माता के स्मारक का काम शुरू होगा, जो अंतराष्ट्रीय स्तर का बनेगा।

लगभग 1 करोड़ का खर्च आया है

लगभग 1 करोड़ का खर्च आया है

ताई यानि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन इन दिनों एक बार फिर एक्टिव दिखाई दे रही हैं, जहां अब ताई सुमित्रा महाजन का एक स्वप्न साकार हो गया, जिसके तहत शहर को ताई की अगुवाई में अहिल्या स्मृति सदन की सौगात मिली है। इस भवन को तैयार करने में लगभग 1 करोड़ का खर्च आया है। अहिल्या स्मृति सदन के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए ताई यानी पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सालों पुराना है किस्सा भी सुनाया। इस दौरान अहिल्या सदन के लोकार्पण समारोह में बड़ी संख्या में शहरवासी सम्मिलित हुए।

अहिल्याबाई से जुड़ी हजारों किताबों का संग्रह

अहिल्याबाई से जुड़ी हजारों किताबों का संग्रह

शहर के बीचोबीच बने अहिल्या स्मृति सदन को बेहद ही हाईटेक तरीके से बनाया गया है। साथ ही इस सदन को देखते ही लोगों को इतिहास की याद आ सके इसे लेकर सदन के बाहरी हिस्से को ऐतिहासिक लुक दिया गया है। इसके साथ ही सदन की पहली मंजिल पर लाइब्रेरी बनाई गई है, जिसमें देवी अहिल्या बाई होलकर से जुड़ी हजारों किताबों का साहित्य संग्रह किया गया है। यहां आकर शहरवासी किताबों को पढ़ सकेंगे, और देवी अहिल्याबाई होल्कर के इतिहास को जान सकेंगे।

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